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गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे योगेंद्र यादव, कहा- ‘टिकैत के आंसुओं से धुल गया किसानों पर लगा कलंक’

स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव, टिकैत से मिलने गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे योगेंद्र ने सरकार पर लगाया हिंदू और सिखों के बीच दंगा करवाने का आरोप  

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Jan 29, 2021
Yogendra Yadav reached Ghazipur border, Say farmers will not go back from this movement

नई दिल्ली। गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस प्रशासन के धरना खत्म करने के अल्टीमेटम के बाद कई किसान आंदोलन छोड़ कर जाने लगे थे। लेकिन किसान नेता राकेश टिकैत के आंसुओं ने आंदोलन में फिर से जान फूंक दी। टिकैत के आह्वान पर पूरे वेस्ट यूपी से सैकड़ों किसान गाजीपुर बॉर्डर पहुंच रहे हैं। इस बीच शुक्रवार को स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव भी टिकैत से मिलने गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे।

यहां योगेंद्र यादव ने किसानों से बात करते हुए कहा कि सरकार किसान आंदोलन से परेशान थी, वो हर हाल में आंदोलन को खत्म करना चाहती है। इसके लिए सरकार को बस एक वीडियो की जरूरत थी। 26 जनवरी के वीडियो को हमारे खिलाफ इस्तेमाल कर रही है जो असल में हमारा है भी नहीं। इस वीडियो के दम पर सरकार हिंदू और सिखों के बीच दंगा करवाना चाहती है।

स्वराज इंडिया के अध्यक्ष ने आगे कहा, ‘लाल किले में जो हुआ उससे हर भारतीय का सिर नीचा हुआ, लेकिन अगर इसकी वजह से किसान आंदोलन खत्म करना चाहिए तो इसके लिए प्रधानमंत्री को भी इस्तीफा देना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि इस घटना के जरिए सरकार को आंदोलन को उखाड़ने का मौका मिल गया। जबकि इसके लिए जिम्मेदार दीप सिद्धू खुद पीएम मोदी के साथ तस्वीर खिचावाता है।

उन्होंने कहा ‘राकेश टिकैत के आंसुओं ने किसानों पर लगा कलंक धो दिया, अब हम बैकफुट पर नहीं है। हम पहले भी कह चुके हैं कि हिंसा करने वालों से हमारा कोई लेना देना नहीं है लेकिन फिर भी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकारते हुए हमने 30 जनवरी के दिन शहीद दिवस पर उपवास रखने का फैसला लिया है।’

योगेंद्र यादव ने कहा, “मेरी सभी से अपील है कि आप सबकी किसानों को जरूरत है, सभी किसान अपने घर से कम-से-कम एक सदस्य को यहां भेजे। मैं बिमार होने के बाद भी आपके बीच आया हूं, पूरी रात गाजीपुर बॉर्डर पर नजर रखी। इस आंदोलन को आपकी जरूरत है।’

बता दें गुरुवार रात को गाजियाबाद प्रशासन ने प्रदर्शनकारी किसानों को यूपी गेट प्रदर्शन स्थल खाली करने का अल्टीमेटम दिया था। इसके बाद राकेश टिकैत यह कहते हुए डटे रहे कि वह आत्महत्या कर लेंगे, लेकिन आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। इस दौरान वे बावुक होते हुए रो भी दिए थे। टिकैत के रोने के बाद प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हजारों किसान गाजीपुर बॉर्डर पहुंच गए।

Published on:
29 Jan 2021 06:59 pm
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