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भारत और अमरीका के बीच संबंधों को नया आयाम देगी 2 + 2 वार्ता, सुरक्षा और विदेशी मामलों पर करीब आएंगे दोनों देश

वाशिंगटन में वाइट हाउस के अधिकारियों ने आगामी टू प्लस टू मुलाकात को राजनयिक और सुरक्षा प्राथमिकताओं पर भारत के साथ अमरीकी भागीदारी को बढ़ाने का 'प्रमुख अवसर' कहा है।
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Updated: 31 Aug 2018, 1:50 PM IST
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वाशिंगटन डीसी। संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस 6 सितंबर को नई दिल्ली में अपने भारतीय समकक्ष सुषमा स्वराज और निर्मला सीतारमण के साथ बातचीत करेंगे। वाशिंगटन में वाइट हाउस के अधिकारियों ने आगामी टू
प्लस टू मुलाकात को राजनयिक और सुरक्षा प्राथमिकताओं पर भारत के साथ अमरीकी भागीदारी को बढ़ाने का 'प्रमुख अवसर' कहा है।

भारत-अमरीका महत्वपूर्ण सहयोगी

गुरुवार दोपहर को वाइट हाउस के एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि 'विदेश मंत्री पोम्पियो की रक्षा मंत्री मैटिस के साथ मिलकर भारत की यात्रा अमरीका और भारत के बीच गहन रणनीतिक साझेदारी का एक मजबूत संकेत है। आगामी वार्ता के मुख्य उद्देश्यों में से एक रक्षा संबंधों में मौजूदा हालत को गति देना शामिल है। इसके अतिरिक्त यह निर्धारित करना महत्वपूर्ण होगा कि इस मामले में आगे क्या किया जा सकता है।' उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की सुरक्षा नीति में दक्षिण एशिया तथा हिंद-प्रशांत रणनीतियों में भारत की केंद्रीय भूमिका है। ऐसे में भारत के साथ संबंध अमरीका की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है और यह हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न अंग है।

भारत को लकेर गंभीर है ट्रम्प प्रशासन

डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन के हवाले से मिल रही खबरों के अनुसार बातचीत के एजेंडे में रक्षा मुद्दों पर पूर्ण तालमेल लागू करना और रक्षा संबंधों को व्यापक रूप से विस्तारित करना महत्वपूर्ण है।यह सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख प्राथमिकताओं की एक सूची बनाई जाएगी। इसके अतिरिक्त विस्तारित आतंकवाद पर सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए दोनों देश 2 + 2 प्लेटफार्म का भी उपयोग करेंगे।

बैठक पर ईरानी प्रतिबंधों की छाया

ईरान पर प्रतिबंध दोनों देशों के बीच स्थायी तनाव बिंदुओं में से एक होगा। माना जा रहा है कि 2 + 2 वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच इसको लेकर रस्साकशी हो सकती है। हिन्द महासगार के व्यापार में भारत के एकाधिकार और भारतीय आपत्तियों पर भी दोनों देश अपने मतभेद सुलझाने की कोशिश करेंगे।

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