
नई दिल्ली। कोरोना महामारी से जूझ रही पूरी दुनिया बेशब्री के साथ कोरोना वैक्सीन ( Corona Vaccine ) का इंतजार कर रही है। रूस और चीन ने कुछ दिन पहले ही अपने-अपने देश में कोरोना वैक्सीन को लॉंच भी कर दिया है, हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से किसी भी वैक्सीन को आधिकारिक मान्यता नहीं मिली है। वहीं, ब्रिटेन, अमरीका, भारत जैसे तमाम देशों में कोरोना वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है और उम्मीद है कि बहुत जल्द वैक्सीन आ जाएगी।
अब इन सबके बीच कोरोना वैक्सीन के आवंटन को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मीडिया रिपोर्ट में ये बताया जा रहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की सह नेतृत्व वाली वैश्विक कोरोना वैक्सीन आवंटन योजना में शामिल होने के लिए दुनिया के 76 देशों ने अपनी प्रतिबद्धता जताई है।
इस योजना से जुड़े एक बड़े अधिकारी ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया है कि इसका उद्देश्य टीका खरीदने और उन्हें वितरित करने में सभी की मदद करना है।
70 से अधिक देशों ने किए हस्ताक्षर
GAVI वैक्सीन गठबंधन के मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष सेठ बर्कले ने एक बयान में कहा कि वैक्सीन को खरीदने और वितरण करने के इस समन्वित योजना को COVAX के रूप में जाना जाता है। इस योजना के अंतर्गत अभी तक जापान, जर्मनी, नॉर्वे सहेत 70 से अधिक देशों ने हस्ताक्षर किए हैं। इन तमाम देशों ने कोरोना वैक्सीन की खरीद के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमति जताई है।
बर्कले ने एक साक्षात्कार में कहा कि अभी हमारे पास 76 देशों के नाम हैं जिन्होंने कोरोना वैक्सीन के टीका खरीदने और उसे अपने देश की जनता तक सुगमता पूर्वक जल्दी से पहुंचाने के लिए हामी भरी है। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि अभी कई और देश इस योजना के साथ जुड़ेंगे।
बर्कले ने आगे कहा कि यह अच्छी खबर है। यह दिखाता है कि COVAX की सुविधा व्यवसाय के लिए खुली है और दुनिया भर में उस प्रकार की इच्छा को आकर्षित कर रही है, जिसकी हमें उम्मीद थी कि यह होगा।
चीन से की जा रही है बातचीत
कोरोना वायरस को लेकर झूठ बोलने वाले चीन के खिलाफ पूरी दुनिया गुस्से में है। लेकिन अब WHO इस योजना में चीन को जोड़ना चाहता है। बर्कले ने कहा कि COVAX समन्वयक चीन के साथ बातचीत कर रहा है कि क्या वह इस योजना में शामिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमने कल (मंगलवार) को इस संबंध में चीन सरकार से बातचीत की थी। अभी तक चीन के साथ इसको लेकर कोई हस्ताक्षरित समझौता नहीं हुआ है, हालांकि बीजिंग ने एक साकारात्मक संकेत दिया है।
अब ये देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस योजना के साथ चीन जुड़ता है या नहीं, क्योंकि दुनिया के तमाम देश कोरोना संक्रमण को लेकर दुनिया से झूठ बोलने और तथ्यों को छिपाने के आरोप चीन पर लगा रहे हैं। बता दें कि पूरी दुनिया में कोरोना से अब तक 8.5 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2.50 करोड़ से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं।