
वाशिंगटन। यौन शोषण के आरोपी अमेरिकी सांसद जॉन कॉनयर्स ने अपना पद छोड़ दिया है। जिसके बाद से वे विरोधियों के निशाने पर आ गए हैं। दरअसल अमेरिकी कांग्रेस के सर्वाधिक लंबे समय से सदस्य रहे जॉन कॉनयर्स पर उनके ही स्टाफ सदस्य ने उन पर यौन संबंध के लिए जबरदस्ती करने का आरोप लगाया है।
इस बीच जॉन कॉनयर्स ने कहा है कि वह यौन उत्पीड़न आरोपों की जांच के कारण सदन की न्यायिक समिति के शीर्ष डेमोक्रेट के रूप में अपने पद को छोड़ रहे हैं। एक न्यूज वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक जॉन कॉनयर्स ने खुद पर लगे आरोपों को एक फिर से खारिज करते हुए इस पूरी तरह से गलत बताया है। उन्होंने रविवार को कहा कि इस मामले में 'खुद का नाम स्पष्ट करने के लिए' ही उन्होंने अपने पद को छोड़ दिया है।
क्या है जॉन कॉनयर्स आरोप
जॉन कॉनयर्स पर उनके एक स्टाफ सदस्य ने आरोप लगाया है कि उन्होंने मिशिगन डेमोक्रेट सांसद के साथ यौन संबंध बनाने से इनकार कर दिया था। जब वो यौन संबंध बनाने के लिए तैयार नहीं हुईं तो और इससे इनकार कर दिया तो इसके बाद उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया था।
इस बीच सदन की आचार समिति ने यौन उत्पीड़न के मामले में जॉन पर लगे आरोपों और कर्मचारियों के बीच होने वाले भेदभाव की जांच शुरू कर दी है। वहीं एक न्यूज वेबसाइट के अनुसार मंगलवार को खबर आयी थी कि जॉन कॉनयर्स ने इस बात को छिपाने के लिए मोटे रकम की पेशकश की थी। आरोप है कि साल 2015 में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली पूर्व स्टाफ सदस्य को यह बात छिपाने के बदले में 27,000 डॉलर दिए थे।
वहीं एक अमेरिकी मीडिया कंपनी द्वारा प्रकाशित हस्ताक्षरित कानूनी दस्तावेजों के अनुसार जॉन पर अन्य महिला कर्मचारियों के साथ भी बार-बार संबंध बनाने की कोशिश की है। साथ ही उन्हें अनुचित तरीके से छूने का आरोप भी लगा था। वहीं दूसरी ओर इन आरोपों पर जॉन कॉनयर्स ने इन सभी आरोपों को यह कहकर खारिज कर दिया है कि यह सभी आरोप एक धुर दक्षिणपंथी ब्लॉगर की कारस्तानी है। यहां आपको बता दें कि वैसे जॉन कॉनयर्स नागरिक अधिकारों के एक प्रमुख नेता के रूप में 1965 में कांग्रेस के सदस्य बने थे। जबकि उन्होंने अब इन आरोपों के बीच अपना पद छोड़ दिया है।