
सिडनी।Australian high court ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए स्पर्म डोनर ( Sperm Donor) को बच्ची के पिता होने का अधिकार दिया है। डोनर ने अपने एक गे दोस्त के लिए स्पर्म डोनेट किया था। स्पर्म डोनर ने लड़की की जैविक माँ और अपने दोस्त को बच्चे के साथ न्यूजीलैंड जाने से रोकने के लिए लम्बी लड़ाई लड़ी । इस तरह का फैसला पहली बार सामने आया।
स्पर्म डोनर बना लीगल फादर
49 वर्षीय स्पर्म डोनर गे दोस्त के लिए अपना वीर्य दान करने के लिए तैयार हो गया था। उन्होंने पहले एक साथ मिलकर बच्चे को पालने का मन बनाया था लेकिन बाद में वे अलग हो गए। हालांकि स्पर्म डोनर बच्ची से मिलता रहा। इस दौरान लड़की भी उसे डैडी कहकर पुकारती थी। अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि स्पर्म डोनर उसका वैध पिता है। इसलिए परिवार को न्यूजीलैंड जाने से रोक गया।
अदालत का अहम फैसला
अदालत ने कहा कि क्योंकि इस आदमी का नाम जन्म प्रमाण पत्र में सूचीबद्ध था और लड़की के साथ उसके बेहद करीबी रिश्ते थे, इसलिए यह फैसला उसके हक में जाता है। बच्ची को पिता से अलग नहीं किया जा सकता था। रॉबर्ट नाम के इस शख्स ने 2006 में कृत्रिम गर्भाधान के जरिए एक दोस्त को अपना शुक्राणु दान किया था।
अदालत ने कहा कि रॉबर्ट ने बच्चे की वित्तीय सहायता, स्वास्थ्य, शिक्षा और उसके सामान्य कल्याण में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया था। समस्या तब पैदा हुई जब 2015 में लड़की की माँ और शख्स का पुरुष साथी न्यूजीलैंड जाना चाहते थे। न्यायाधीश मार्गरेट क्ली ने फैसला सुनाया कि बच्चे को ऑस्ट्रेलिया में रहना चाहिए ताकि स्पर्म डोनर को बच्ची से मुलाकात का अधिकार मिल सके।
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