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आतंकवाद पर कार्रवाई न करने के मुद्दे पर पाक की मीडिया ने सरकार को घेरा

श के शीर्ष अखबारों ने सरकार के प्रयास को नाकाफी बताया है।
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Updated: 16 Jul 2018, 11:18 AM IST
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आतंकवाद पर कार्रवाई न करने के मुद्दे पर पाक की मीडिया ने सरकार को घेरा

इस्लामाबाद। 25 जुलाई को होने जा रहे पाक के आम चुनाव में आतंकवाद सबसे बड़ा मुद्दा बन सकता है। इस चुनाव में पाक की आवाम आतंकवाद को लेकर गंभीर है। आए दिन हजारों लोग इन आतंकी घटनाओं में मारे जा रहे हैं। हाल की हुई घटनाओं में हुए आतंकी हमले में करीब 150 लोग मारे जा चुके हैं। जनता वर्तमान सरकार पर आतंकवाद का साथ देने और कार्रवाई न करने का आरोप लगा रही है। निर्दोष लोगों की मौत पर इस्लामाबाद में शोक दिवस मनाया जा रहा है। वहीं पाक मीडिया ने भी सेना और सरकार के उसके दावे पर भी सवालिया निशान लगाया है।

चुनाव के एलान के बाद बढ़ी घटनाएं

चुनावों के एलान के बाद से ही देशभर में कई जगहों पर आतंकी वारदातों को अंजाम दिया जा चुका है। अशांत प्रांतों बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में चुनावी रैलियों में एक सप्ताह के भीतर एक के बाद एक तीन हमले हुए जिनमें दो बड़े नेताओं सहित 150 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी जबकि कई घायल हुए हैं। इससे 25 जुलाई के मतदान में बाधा पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

खून के छींटे बताया

इन हमलों पर एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने अपनी संपादकीय में पाकिस्तान में आतंकवादी ताकतों के सफाए के सरकार के दावे में खून के छींटे बताया हैं। उसका कहना है कि पुलिस,अर्धसैनिक बलों और सेना के निरंतर प्रयास से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान जैसे संगठन के कदम पीछे हट गए हैं, लेकिन इतने नहीं हटे कि वे फिर से घातक हमला नहीं कर पाएं। उधर, डॉन अखबार ने अपने संपादकीय में लिखा है कि आतंकवादी हमलों में आचानक वृद्धि के कारण सरकार सुरक्षा की मांग करनेवाले सभी उम्मीदवारों को बिना देरी सुरक्षा दे और तत्काल जरूरी उपाय करे। वहीं, द न्यूज ने अपने संपादकीय में लिखा है कि मृतकों की संख्या बढ़ती जा रही है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसने खतरे में चल रहे लोगों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने तथा चुनाव की गरिमा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम क्यों नहीं उठाया। संपादकीय के मुताबिक,'भले ही हमें लगातार बताया जा रहा है कि आतंकवाद की रीढ़ तोड़ दी गई है, लेकिन इतने कम वक्त में इतने ज्यादा हमले बताते हैं कि सच्चाई इससे कोसों दूर है।'

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