
ब्रासिलिया। आर्थिक संकट से जूझ रहे वेनेजुएला की कानून व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो चुकी है। इसे संभालने के लिए ब्राजील के राष्ट्रपति माइक टेमर ने सेना भेजने का निर्णय लिया है। इस माह की शुरूआत में बाढ़ के कारण एक हजार से अधिक लोग यहां बेघर हो चुके हैं। यह ब्राजील के पश्चिमोत्तर के रौरैमा प्रांत में घुस आए थे। इन लोगों के अस्थायी शिविर पर गुस्साई भीड़ ने हमला कर दिया था। यह हमला प्रवासियों द्वारा एक स्थानीय दुकानदार को बुरी तरह पीटे जाने की अफवाहों के बाद किया गया था। गौरतलब है कि वेनेजुएला के लोगों को देश में घुसने से रोकने के लिए ब्राजील ने अपनी सेना को यहां पर भेजने के लिए मजबूर होना पड़ा है। यहां पर हालात इतने बुरे हो चुके है कि लोगों को दो टाइम का खाना भी नसीब नहीं है। वस्तुएं काफी महंगी हो चुकी हैं।
सुरक्षा प्रदान करना मकसद
टेमर ने कहा कि उनका मकसद ब्राजीलियाई नागरिकों और अपने देश की ओर भाग रहे वेनेजुएला के प्रवासियों को भी सुरक्षा प्रदान करना है। उन्होंने वेनेजुएला के संकट को ‘दुखद’ बताया और कहा कि यह व्यवहारिक रूप से पूरे महाद्वीप की सद्भावना के लिए खतरा है। बता दें कि वेनेजुएला इस वक्त बुरे आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है। काम और जीवन की सुरक्षा की तलाश में इस मुल्क के लोग दूसरे देशों में जाकर शरण ले रहे हैं।
पड़ोस में भी पैदा होगा संकट
ब्राजील के राष्ट्रपति का कहना है कि वेनेजुएल की वजह से ब्राजील संकट में पड़ सकता है। यहां पर आ रहे शरणार्थी लोगों के लिए खतरा बन सकते हैं। इन्हें संभालने के लिए ब्राजील की सीमा को चुस्त रखना होगा। उन्होंने कहा कि वह शरणार्थियों के भेद में आतंकियों का देश में नहीं घुसने देना चाहते हैं।