राष्ट्रपति चुनाव में बोलसोनारो के सामने उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी के रूप में वामपंथी नेता फर्नांडो हडाड हैं
रियो डि जेनेरो। दक्षिणपंथी नेता जैर बोलसोनारो ने रविवार को ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में आसान जीत हासिल की। हालांकि,उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान से जुड़ी गड़बड़ियों के कारण उन्हें निर्णायक जीत से वंचित होना पड़ा। राष्ट्रपति चुनाव में बोलसोनारो के सामने उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी के रूप में वामपंथी नेता फर्नांडो हडाड हैं और अब दोनों के बीच दूसरे दौर में कड़ी टक्कर होना बाकी है।
अपराध पर लगाम लगाने का चुनावी वादा
लातिन अमरीकी क्षेत्र के सबसे बड़े देश ब्राजील में अपराध पर लगाम लगाने का चुनावी वादा कर रहे बोलसोनारो (63) को पहले दौर में जीत हासिल करने के लिए जरूरी 50 फीसदी एक वोट से कम 46 फीसदी वोट मिले। लगभग सभी वोटों की आधिकारिक गणना में यह जानकारी दी गई। इसका मतलब है कि उन्हें 28 अक्टूबर को फर्नांडो हडाड से मुकाबला करना होगा,जिन्हें पहले दौर में 29 फीसदी वोट मिले। साओ पाउलो के पूर्व मेयर हडाड ने इस चुनावी मुकाबले में पूर्व राष्ट्रपति और अब जेल में बंद लुइज इनाशियो लूला डी सिल्वा की जगह ली है।
दूसरे दौर में हडाड दे सकते हैं कड़ी टक्कर
सर्वेक्षणों के मुताबिक, दूसरे दौर में हडाड और बोलसेनारों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। बोलसोनारों के समर्थकों राजधानी में राष्ट्रीय चुनावी अधिकरण के बाहर नतीजों का विरोध किया और धोखा होने के नारे लगाए। उनके अन्य समर्थकों ने भी काफी तीखी प्रतिक्रिया दी। इससे पहले दौर के नतीजों में चुनावी सर्वेक्षकों के पूर्वानुमान के काफी करीब हैं।
बहस की खुली चुनौती दी
वामपंथी नेता फर्नांडो हडाड ने रियो डि जेनेरो में कहा कि हमें पहले दौर में जीत की उम्मीद थी। अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए हडाड ने कहा कि अब चीजें और मुश्किल हो गई हैं। दूसरा दौर एक जोखिम है। उन्होंने चुनाव के दूसरे दौर को सुनहरा मौका करार दिया और बोलसोनारो को बहस की चुनौती दी। अपनी शिकायतों के बावजूद बोलसोनारो ने रविवार के नतीजों पर औपचारिक विरोध दर्ज नहीं कराया।