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सीरिया पर सैन्‍य कार्रवाई को लेकर चीन ने अमरीका को चेताया, रूस पहले से है नाराज

सीरिया में रासायनिक हमले के मुद्दे पर रूस के बाद चीन ने अमरीका को चेताया कि वो आगे बढ़कर सैन्‍य कार्रवाई जैसी कदम न उठाए।

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नई दिल्‍ली। सीरिया में रासायनिक हमले के बाद उत्‍पन्‍न स्थितियों पर नजर रखने के लिए अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने लातिन अमरीका के अपने आधिकारिक दौरे को रद्द कर दिया है। अब पेरू में होने वाले समिट ऑफ द अमरीकाज के लिए डोनल्ड ट्रंप की जगह उप राष्ट्रपति माइक पेंस लातिन अमरीका के दौरे पर जाएंगे। ट्रंप के इस निर्णय से इस बात के कयास लगाए जाने लगे हैं कि अमरीका रासायनिक हमले के बदले सीमित हमले की बजाय बड़ी सैन्य कार्रवाई कर सकता है। व्हाइट हाउस की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति वॉशिंगटन में रहकर सीरियाई मामले पर नजर रखेंगे। ट्रंप पहले ही बता चुके हैं कि वो इस हमले का जवाब पूरी ताकत से देंगे और उन्होंने सेना के इस्तेमाल से इनकार भी नहीं किया है।

एकतरफा कार्रवाई न करे अमरीका
दूसरी तरफ चीन ने अमरीका की तरफ से संभावित सैन्‍य कार्रवाई को लेकर अमरीका को चेताया है वो एकतरफा कार्रवाई न करे। चीन की यह चेतावनी अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सीरिया के गृहयुद्ध में कथित तौर पर रासायनिक हमले का जवाब देने की प्रतिबद्धता जताए जाने के बाद आई है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा कि उनका देश अकारण बल प्रयोग या धमकी देने के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी व्यापक, तटस्थ और उद्देश्यपूर्ण जांच से पहले किसी भी पक्ष को परिणामों का पूर्वानुमान लगाते हुए किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए। शुआंग ने कहा कि सैन्य तरीके से इस समस्‍या का समाधान संभव नहीं हैा

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क्‍या चाहता है अमरीका
इस मामले में अमरीका चाहता है कि यूएन अलग से एक पैनल गठित करे जो सीरिया में हुए रासायनिक हमले की जांच कर दोषियों की पहचान करे। वहीं रूस इस प्रस्ताव को वीटो कर सकता है। इस मामले में अमरीका, फ्रांस और ब्रिटेन के साथ चर्चा कर रहा है और साथ में सैन्य कार्यवाई की संभावना तलाश रहा है।इस मुद्दे पर ट्रंप ने ब्रितानी पीएम टेरेसा मे और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से फोन पर बात की।

अमरीकी कार्रवाई के होंगे गंभीर परिणाम
रूस का कहना है कि उसे डूमा में क्लोरीन या अन्य किसी रसायन के इस्तेमाल के संकेत नहीं मिले हैं। रूस ने यूएन को चेतावनी दी है कि अगर अमरीका सैन्य कार्यवाई करता है तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

जांच दल सीरिया रवाना
इस बीच रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल पर नजर रखने वाले अंतरराष्ट्रीय संगठन ने कहा है कि उन्होंने अपने जांच दल को सीरिया के डूमा शहर के लिए रवाना कर दिया है। ऑर्गेनाइजेशन ऑफ प्रोहिबिशन ऑफ केमिकल विपन्स ने कहा है कि उनकी टीम जल्द ही सीरिया पहुंच जाएगी। रूस ने कहा है कि वो जांच दल के सदस्यों के दौरे में मदद करने के लिए तैयार हैं जबकि सीरिया इस हमले के पीछे होने के आरोपों से इनकार करता रहा है।

बच्‍चों के खून से रंगे है रूस के हाथ
आपको बता दूं कि मंगलवार को सीरिया में रासायनिक हथियारों के हमले को लेकर यूएनएससी की एक आपात बैठक के दौरान अमरीका और रूस आपस में उलझ गए। अमरीका ने कहा कि रूसी सरकार के हाथ सीरियाई बच्चों के खून से रंगे हैं। वहीं रूस ने इन हमलों की खबरों को फर्जी करार दिया। बीते साल सीरिया में विद्रोहियों के कब्‍जे वाले इदलिब शहर में हुए संदिग्ध रासायनिक हमले में कम से कम 58 लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग जख्‍मी हुए थे। इसके बाद अमरीका के 50 टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों ने सीरिया के एयरबेसों को निशाना बनाया था। सीरियाई राष्ट्रपति बशर-अल-असद की सेना के खिलाफ अमरीका का ये पहला हमला था।

Updated on:
11 Apr 2018 11:53 am
Published on:
11 Apr 2018 11:46 am
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