विश्‍व की अन्‍य खबरें

चीनी रोवर जूरोंग ने मंगल ग्रह पर खींची सेल्फी, तस्वीरों में चौंकाने वाले खुलासे

चीन के राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन (सीएनएसए) द्वारा जारी की गई तस्वीरों में जूरोंग रोवर और लैंडर एक छोटे से चीनी राष्ट्रीय ध्वज को लहराते हुए दिखाई दे रहे हैं।
2 min read
• •
Updated: 11 Jun 2021, 10:18 PM IST
chinese_rover.jpg
Chinese Space Rover Zhurong Takes Selfie On Mars

नई दिल्ली। मंगल ग्रह के रहस्यों से पर्दा उठाने और जीवन की संभावनाओं की तलाश में दुनियाभर के वैज्ञानिक जुटे हैं। इस बीच पिछले महीने चीन ने अपने मंगल मिशन के तहत रोवर जूरोंग को सफलतापूर्वक मार्स की तरह पर उतारकर इतिहास रचा। अब चीनी रोवर जूरोंग ने मंगल ग्रह पर सेल्फी खींची हैं। इस सेल्फी में मंगल की सतह से जुड़े कई खुलासे हुए हैं।

चीनी अंतरिक्ष एजेंसी ने रोवर द्वारा खींची गई सेल्फी में मंगल की धूल भरी वातावरण, चट्टानी सतह के बारे में खुलासा किया है। चीन के राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन (सीएनएसए) द्वारा जारी की गई तस्वीरों में जूरोंग रोवर और लैंडर एक छोटे से चीनी राष्ट्रीय ध्वज को लहराते हुए दिखाई दे रहे हैं।

सीएनएसए ने कहा कि जूरोंग ने लैंडिंग प्लेटफॉर्म से लगभग 33 फीट दूर एक रिमोट कैमरा लगाया और फिर एक सेल्फी लिया। बता दें कि सीएनएसए ने मंगल ग्रह की परिक्रमा करते हुए लगभग तीन महीने बिताने के बाद पिछले महीने मंगल ग्रह पर रोवर ले जाने वाले तियानवेन -1 अंतरिक्ष यान को उतारा था। अमरीका के बाद चीन मंगल ग्रह पर अंतरिक्ष यान उतारने और संचालित करने वाला दूसरा देश है।

जीवन के संकेतों की खोज में जुटा है जूरोंग

छह पहियों वाला रोवर मंगल ग्रह पर यूटोपिया प्लैनिटिया के नाम से जाने जाने वाले क्षेत्र का सर्वेक्षण कर रहा है। इस क्षेत्र में रोवर जूरोंग पानी या बर्फ के संकेतों की खोज कर रहा है जो इस बात का सुराग दे सकता है कि क्या मंगल ने कभी जीवन था या नहीं?

6 फीट की ऊंचाई पर ज़ूरोंग यूएस के पर्सवेरेंस रोवर से काफी छोटा है, जो एक छोटे हेलीकॉप्टर के साथ ग्रह में खोज कर रहा है। नासा को उम्मीद है कि उसका रोवर 2031 की शुरुआत में पृथ्वी पर लौटने के लिए जुलाई में अपना पहला नमूना एकत्र करेगा।

मंगल मिशन के अलावा चीन अपने महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रम की योजना के तहत अगले सप्ताह नए अंतरिक्ष स्टेशन पर पहला चालक दल भेजेगा। चालक दल के तीन सदस्य तियानहे या हेवनली हार्मनी, स्टेशन पर तीन महीने तक रुकने की योजना बना रहे हैं, जो किसी भी पिछले चीनी मिशन से कहीं अधिक लंबा है। वे स्पेसवॉक, निर्माण और रखरखाव कार्य करेंगे और विज्ञान के प्रयोग करेंगे। इसके अलावा बाद के प्रक्षेपणों को स्टेशन का विस्तार करने, आपूर्ति भेजने और चालक दल के आदान-प्रदान की योजना बनाई गई है।

Updated on:
11 Jun 2021, 10:18 PM IST
Published on: