कूकीज ( cookies ) को बनाने के लिए एक अलग प्रकार का खास ओवन तैयार किया गया था पिछले ही साल दिसंबर में इटली की अंतरिक्ष यात्री लूसा परमितानो ( Luca Parmitano ) ने बेकिंग का काम किया था
केप कार्नेवल। वैज्ञानिक अंतरिक्ष ( Space ) में लगातार शोध के दायरे को बढ़ाते हुए हर दिन कुछ न कुछ नई जानकारी हासिल कर रहे हैं। लेकिन अब वैज्ञानिकों ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल कर ली है, जो आने वाले समय में अंतरिक्ष के रहस्यों को उजागर करने में बहुत ही अहम कड़ी साबित होगी।
दरअसल, ऐसा पहली बार हुआ है कि अतंरिक्ष में कच्चे सामान से खाने की कोई चीज बनाई गई है। अंतरिक्ष में पहली बार चॉकलेट चिप कूकीज ( Chocolate chip cookies ) को बनाया गया है। यह एक प्रकार का बिस्कुट की तरह खाने की एक चीज है। इसे बनाने में तकरीबन 2 घंटे का वक्त लगा।
ओवन बनानेवालों का विचार था कि बेकिंग में सामान्य से काफी अधिक वक्त लगेगा, लेकिन असल में ऐसा नहीं हुआ। बता दें कि इस कूकीज को इंटरनैशनल स्पेस स्टेशन पर बनाई गई है। फिलहाल अभी तक ये जानकारी सामने नही आई है कि इसका स्वाद असल में कैसा है?
स्पेस फ्लाइट कंटेनर में ही रखा गया है ये कूकीज
आपको बता दें कि इस कूकीज को बनाने के लिए एक अलग प्रकार का खास ओवन तैयार किया गया था। इस ओवन को नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर के पास ही स्थित नैनोरैक्स ने स्पेस में बनाया गया था।
बीते साल नवंबर में छोटे आकार में ओवन स्पेस को तैयार किया गया था। फिलहाल 5 फ्रोजन रॉ कूकीज अंतरिक्ष में मौजूद हैं। पिछले ही साल दिसंबर में इटली की अंतरिक्ष यात्री लूसा परमितानो ( Luca Parmitano ) ने बेकिंग का काम किया था। इस दौरान उन्होंने कुल पांच कूकीज बेक किए थे।
पहला कूकीज तैयार करने में उन्हें 25 मिनट का समय लगा था। इसके नतीजे ठीक नहीं आए थे। कूकीज को 300 फॉरेनहाइट पर बेक किया गया। इसके बाद जब दूसरा कूकीज तैयार किया तो उसमें दोगुना समय लगा। इस बार भी परिणाम मनमाफिक नहीं आए।
इस तरह से लूसा ने तीसरी कूकीज भी बनाई। लेकिन जब चौथी कूकीज बनाई तो उसमें उन्हें 2 घंटे का समय लगा और परिणाम भी बिल्कुन मनमाफिक रहा। इस कूकीज को लेकर लूसा ने कहा कि मैं निश्चित तौर पर नहीं कह सकती हूं कि इसका स्वाद कैसा होगा, लेकिन यह कूकीज की तरह नहीं लग रहा।
फिलहाल इन कूकीज को निजी बेकिंग पाउच में पैक किया गया है और इसे स्पेस फ्लाइट कंटेनर ( Space flight container ) में ही रखा गया है। कूकीज को ह्यूसटन में ही एक फ्रोजन लैब में स्पेसएक्स कैप्सूल के तौर पर रखा गया है।
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