हांगकांग जुटा हुआ है कोरोना वायरस के नैजल वैक्सीन के विकास में। भारत में ऑक्सफोर्ड वैक्सीन ( Coronavirus vaccine ) ने अब तक नहीं दिखाया कोई साइड इफेक्ट। कोविड-19 वैक्सीन के लिए पेटेंट उल्लंघन का दावा नहीं करेगी मॉडर्ना।
नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी के बीच हर कोई जल्द से जल्द इसके प्रभावी वैक्सीन ( Coronavirus vaccine ) की उपलब्धता की राह देख रहा है। वैक्सीन निर्माता क्लीनिकल ट्रायल्स में जुटे हुए हैं। परीक्षण के तहत वैक्सीन की सुरक्षा चिंताओं के अलावा, इसके सौदों की हड़बड़ाहट एक नई चिंता बन गई है क्योंकि अमीर देशों को इन टीकों की पूर्व बुक कराने का लाभ है, जिससे अन्य देशों के लिए इसकी अनुपलब्धता हो सकती है।
जानिए क्या है कोरोना वैक्सीन के लेटेस्ट अपडेटः
हांगकांग में नाक में स्प्रे वाली वैक्सीन का ट्रायल
हांगकांग एक प्रायोगिक वैक्सीन के लिए परीक्षण शुरू करेगा जिसे नाक में स्प्रे के माध्यम से दिया जाएगा। यह एक दोहरी वैक्सीन होगी- जिसका उपयोग इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 दोनों के लिए किया जाएगा। नॉर्वे और हांगकांग की सरकार ने इस प्रायोगिक स्प्रे के लिए फंडिंग की है। कोरोना महामारी से निपटने के लिए किए जा रहे इस शोध में दुनिया भर के दर्जनों क्लिनिकल ट्रायल शामिल होंगे।
हांगकांग विश्वविद्यालय के सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग के मुताबिक यह टीका पहले से ही बाजार में उपलब्ध एक नैजल स्प्रे वाले फ्लू वैक्सीन के समान है। इस टीके को नाक के जरिये श्वसन तंत्र पर हमला करने वाले वायरस को नष्ट करने के लिए बनाया गया है।
यूरोपीय संघ का जॉनसन एंड जॉनसन के साथ नया सौदा
यूरोपीय आयोग ने जॉनसन एंड जॉनसन के साथ अपने संभावित कोविड-19 वैक्सीन की आपूर्ति के लिए 400 मिलियन लोगों के लिए एक सौदा किया है। यह ईयू द्वारा हस्ताक्षरित अग्रिम खरीद का तीसरा अनुबंध है। अन्य दो में एस्ट्राज़ेनेका और सनोफी के साथ हुए समझौते शामिल थे।
भारत में अब तक सुरक्षित ऑक्सफोर्ड वैक्सीन
पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर) में कोविड-19 वैक्सीन ट्रायल में भाग लेने वाले लगभग 53 व्यक्तियों में टीका लगने के सात दिन बाद तक कोई बड़ा दुष्प्रभाव देखने को नहीं मिला है।
COVAX से जुड़ा चीन
विश्व स्वास्थ्य संगठन की पहल के तहत चीन औपचारिक रूप से COVAX से जुड़ गया है। कोवैक्स दुनिया में टीकों के समान वितरण को सुनिश्चित करेगा। हालांकि संयुक्त राज्य अमरीका और रूस अभी तक इस वैश्विक वैक्सीन पूल में शामिल नहीं हुए हैं।
पेटेंट अधिकारों को लागू करने नहीं करेगी मॉडर्ना
वैक्सीन निर्माता मॉडर्ना ने कहा है कि यह महामारी के दौरान अन्य वैक्सीन निर्माताओं के खिलाफ पेटेंट लागू नहीं करेगा। कंपनी द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, "मॉडर्ना मानती है कि अनुसंधान में निवेश को प्रोत्साहित करने में बौद्धिक संपदा अधिकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मॉडर्ना के टीके के अलावा अन्य कोविड-19 वैक्सीन विकास में हैं जो मॉडर्ना की पेटेंट तकनीकों का उपयोग कर सकते हैं। हम इस परिस्थिति के तहत एक विशेष दायित्व महसूस करते हैं कि इस महामारी को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए हमारे संसाधनों का उपयोग किया जाए।"
"जब महामारी जारी है, मॉडर्ना हमारे कोविड-19 संबंधित पेटेंटों को लागू नहीं करेगा जो कि महामारी से निपटने के लिए टीके बनाने वाले लोगों को लाभ पहुंचाते हैं। इसके अलावा, महामारी की अवधि के दौरान टीके के विकास के लिए किसी भी कथित बौद्धिक संपदा बाधाओं को खत्म करने के लिए, हम भी महामारी की अवधि के लिए दूसरों को कोविड-19 टीकों के लिए अपनी बौद्धिक संपदा को लाइसेंस देने के लिए तैयार हैं।