ट्रंप ने अपने भाषण में 'पहले अमरीका' की अपनी नीति पर जोर देते हुए कहा कि वह देशभक्ति में अपनी आस्था के कारण वैश्वीकरण की विचारधारा को खारिज करते हैं।
संयुक्त राष्ट्र। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को भारत को दुनिया के लिए एक ऐसा उदाहरण करार दिया, जिसने लोकतंत्र और आजादी को बरकरार रखते हुए अपने लाखों लोगों को गरीबी के दलदल से बाहर निकाला है। संयुक्त राष्ट्र महासभा को अपने संबोधन में ट्रंप ने भारत को उन 'खूबसूरत ज्योतिपुंज' देशों में शामिल बताया, जो एक समान भविष्य की दिशा में काम कर रहे हैं। गौरतलब है कि हाल ही में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की एक रिपोर्ट में भारत की प्रगति को रेखांकित किया गया है।
देशभक्ति में आस्था, वैश्वीकरण को किया खारिज
ट्रंप ने अपने भाषण में 'पहले अमरीका' की अपनी नीति पर जोर देते हुए कहा कि वह देशभक्ति में अपनी आस्था के कारण वैश्वीकरण की विचारधारा को खारिज करते हैं। उन्होंने चीन, ईरान और वेनेजुएला के खिलाफ अपनी कड़ी नीतियों को दोहराया। अमरीकी राष्ट्रपति ने तेल उत्पादक देशों की संस्था ओपेक से अपनी 'भयावह कीमतों' को कम करने की मांग की।
'भारत में गरीबी घटकर 28 फीसदी हुई'
गौरतलब है कि हाल ही में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की तरफ से पेश की गई रिपोर्ट '2018 बहुआयामी वैश्विक गरीबी सूचकांक' में दावा किया गया, 'भारत में 2005 से 2015 के बीच 27 लाख लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने में मदद मिली है। भारत में दस सालों की अवधि में गरीब लोगों की संख्या घटकर आधी रह गई है, जो कि 55 फीसदी से घटकर 28 फीसदी हो गई है। भारत में लोगों के जीवन जीने की प्रत्याशा 11 साल बढ़ी है। यह बहुआयामी गरीबी से सुधार के लिए अच्छा है। इसके साथ ही रिपोर्ट में भारत की प्रतिव्यक्ति आय में भी सुधार होने की बात कही गई थी।'