मीडिया रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि फेसबुक को शक था कि डिलीट हुए इन अकाउंटों के मदद से यूके, मिडिल ईस्ट, अमरीका और लैटिन अमरीका की राजनीति पर प्रभाव डालने की कोशिश की जा रही थी।
कैलिफोर्निया। फेसबुक ने रूस और ईरान के खिलाफ के कड़ा कदम उठाया है। दरअसल मंगलवार देर रात को सोशल नेटवर्किंग कंपनी ने ईरान और रूस से संबंध रखने वाले सैकड़ों फेक अकाउंट्स बंद कर दिया है। इसके साथ ही कई पेजों को भी डिलीट किया है।
इन अकाउंटों के मदद से यूके अमरीका की राजनीति पर डाला जा रहा था प्रभाव
मीडिया रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि फेसबुक को शक था कि डिलीट हुए इन अकाउंटों के मदद से यूके, मिडिल ईस्ट, अमरीका और लैटिन अमरीका की राजनीति पर प्रभाव डालने की कोशिश की जा रही थी। फेसबुक की ओर से दावा किया जा रहा है कि इन सभी अकाउंट्स और पेजों से कई तरह के कैंपेन चलाए जा रहे थे, जिनमें से तीन अभियान ईरान से संबंधित बताए जा रहे हैं। आपको बता दें कि मंगलवार को फेसबुक ने 652 फेक अकाउंट्स और पेजों को डिलीट किया है।
सीईओ मार्क जुकरबर्ग का बयान
इस संबंध में फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने बातचीत करते हुए कहा, 'साइबर सिक्युरिटी ऐसा मुद्दा है, जिसका पूरी तरह से कभी हल नहीं निकला जा सकता। हालांकि उन्होंने इसके लिए कदम उठाने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, 'लेकिन हम फिर भी बेहतर करने की कोशिश में लगातार जुटे हुए हैं।'
अकाउंट की मदद से चलाया जा रहा था 'लिबर्टी फ्रंट प्रेस' अभियान
फेसबुक ने जानकारी में बताया कि जिन बंद हुए फर्जी अकाउंट्स का संबंध ईरान से था, उनमें से एक अकाउंट की मदद से 'लिबर्टी फ्रंट प्रेस' अभियान चलाया जा रहा था। ये भी कहा जा रहा है कि इस पेज को ईरानी मीडिया से भी समर्थन मिल रहा था। ऐसे ही तीन और अभियान फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिले जिनमें मिडिल ईस्ट, यूके, यूएस और लैटिन अमरीका से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट पोस्ट किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि इन फर्जी पेजों के करीब 1.55 लाख फॉलोअर थे। इनमें से एक फेसबुक पेज और इंस्टाग्राम अकाउंट पर विज्ञापन के लिए सिर्फ अगस्त 2018 में ही 4.18 लाख रुपए खर्च किए गए।