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Virgin Orbit का पहला रॉकेट लॉन्च विफल, Satellite को अंतरिक्ष कक्षा में स्थापित करने की थी कोशिश

Highlights इसे दक्षिण कैलिफोर्निया (South Calefornia) के तट के पास प्रशांत महासागर से छोड़ा गया था, विमान कॉस्मिक गर्ल (Cosmic Girl) और फ्लाइट क्रू सुरक्षित हैं। कंपनी के मालिक रिचर्ड ब्रैनसन ने टिप्प्णी करने से किया इनकार, कहा- रॉकेट में क्या समस्या आई, जांच मेें इसका पता लगाया जाएगा।
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Virgin Orbit
जंबो जेट बोइंग 747 के जरिए किया था परीक्षण।

वाशिंगटन। एयरोस्पेस कंपनी (Aerospace company) वर्जिन ऑर्बिट (Virgin Orbit) ने बताया है कि जंबो जेट बोइंग 747 (Boing 747) के जरिए 35 हजार फीट की ऊंचाई पर सेटेलाइट लांच का परीक्षण मंगलवार को विफल रहा। दरअसल इस विमान से एक रॉकेट को अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी थी। ये अतंरिक्ष की कक्षा में जाकर सैटेलाइट (Satellite) को स्थापित करता। मगर ऐसा हो न सका ओर रॉकेट को गिरा दिया गया है और विमान बोइंग 747 वापस अपने बेस पर लौटने लगा।

इसे दक्षिण कैलिफोर्निया के तट के पास प्रशांत महासागर में छोड़ा गया था। दरअसल इस परीक्षण के जरिए कंपनी सस्ते और आसान तरह एक सैटेलाइट को स्थापित करने का परीक्षण कर रही है। इसमें विमान को एक दूर तक उड़ाया जाता है और यहां से रॉकेट उसे अंतरिक्ष की कक्षा स्थापित करने की योजना थी।

वर्जिन ऑर्बिट कंपनी के मालिक रिचर्ड ब्रैनसन ने अपने आधिकारिक ट्विटर पर कहा कि उड़ान में मिशन जल्द ही समाप्त हो गया। विमान कॉस्मिक गर्ल और हमारी फ्लाइट क्रू सुरक्षित हैं और बेस पर लौट रहे हैं।' उन्होंने कहा कि इस मिशन में जो गलत हुआ, उस पर तत्काल कुछ कहने को नहीं है। वर्जिन ऑर्बिट कंपनी के विशेष परियोजनाओं के उपाध्यक्ष विल पोमीरैंट्ज, ने शनिवार को प्रीफ्लाइट ब्रीफिंग के दौरान टिप्पणी की थी कि पहले रॉकेट लॉन्च के लगभग कई मिशन विफल हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआती उड़ानों के लिए इतिहास बहुत महत्वपूर्ण नहीं है।

उद्घाटन प्रक्षेपण तब तक ठीक-ठाक जा रहा था जब रॉकेट को जम्बो जेट ‘कॉस्मिक गर्ल’ के बाईं तरफ से हवा में छोड़ा गया। वर्जिन ऑर्बिट ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर सोमवार को कहा कॉस्मिक गर्ल और विमान में सवार हमारे चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और बेस पर लौट रहे हैं।” इस बात पर तत्काल कोई टिप्प्णी नहीं की गई कि उस रॉकेट में क्या समस्या आई जो इस परीक्षण उपग्रह को लेकर जा रहा था।

कंपनी के विशेष परियोजनाओं के उपाध्यक्ष विल पोमीरैंट्ज ने परीक्षण से पहले शनिवार को एक वार्ता में बताया था कि पहले रॉकेट प्रक्षेपण के लिए होने वाले परीक्षणों में से आधे विफल हो जाते हैं। जंबो जेट से इस रॉकेट को कुछ समय तक के लिए हवा में रहना था जब इसके दो में से पहले चरण को प्रज्वलित होना था और तेज गति से दक्षिणी ध्रुव की तरफ बढ़ना था। इस परीक्षण का मकसद सही डेटा सामने लाना है।

Updated on:
26 May 2020 11:56 am
Published on:
26 May 2020 11:23 am