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France सरकार ने George Floyd की मौत से लिया सबक, अब पुलिस नहीं दबा पाएगी लोगों का गला

HIGHLIGHTS Protest In France against Racism: फ्रांस में भी हजारों की संख्या में बीते एक सप्ताह से लोग सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं। नस्लवाद ( Racism ) और पुलिस की बर्बरता ( Police Brutality ) के खिलाफ हो रहे बड़े प्रदर्शनों के बाद अब फ्रांस सरकार ( French Government ) ने घोषणा की है कि पुलिस लोगों को गिरफ्तार करते समय गला नहीं दबा ( chokeholds ) सकेगी।
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Jun 11, 2020
Protest In France
France government draws lessons from George Floyd's death

पेरिस। अमरीका में जॉर्ज फ्लॉयड ( George Floyd Geath ) की मौैत के खिलाफ शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब कई देशों में पहुंच गया है। लोग नस्लवाद के खिलाफ व्यापक विरोध-प्रदर्शन ( Protest Against Racism ) कर रहे हैं। इसी कड़ी में फ्रांस में भी हजारों की संख्या में बीते एक सप्ताह से लोग सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं।

नस्लवाद ( Racism ) और पुलिस की बर्बरता ( Police Brutality ) के खिलाफ हो रहे बड़े प्रदर्शनों के बाद अब फ्रांस सरकार ( French Government ) ने घोषणा की है कि पुलिस लोगों को गिरफ्तार करते समय गला नहीं दबा ( chokeholds ) सकेगी।

आंतरिक विषयों के मंत्री क्रिस्टोफ कास्टानेर ने कहा कि 'गला दबाना' एक 'खतरनाक तरीका' था। उन्होंने कहा कि अब पुलिस गला दबाने की क्रिया को पुलिस ट्रेनिंग में नहीं सिखाया जाएगा।

पिछले सप्ताह कई प्रमुख फ्रांसीसी शहरों में हुए 'ब्लैक लाइव्स मैटर' के विशाल विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कास्टानेर ने कहा कि मैं लोगों की भावना और विरोध के स्वर सुन रहा हूं और रंगभेद संबंधी घृणा के प्रति लोगों का दुःख भी महसूस कर रहा हूं। हमारे समाज और लोकतंत्र में इसका कोई स्थान नहीं है।

अश्वेत अडामा ट्रेरे की रिहाई की मांग तेज

आपको बता दें कि जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद अमरीका में हुए उग्र प्रदर्शन से प्रेरित होकर फ्रांसीसी प्रदर्शनकारियों ( Protest In France ) ने 24 वर्षीय अश्वेत अडामा ट्रेरे के लिए न्याय की मांग की।

अडामा ट्रेरे चार साल पहले पेरिस के बाहर पुलिस की चेकिंग से बचकर निकलना चाह रहा था जिस कारण पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था। अडामा ट्रेरे की बहन एसा ट्रैरे ने बताया कि अडामा के अंतिम शब्द यही थे कि मैं सांस नहीं ले सकता। जॉर्ज फ्लॉयड के भी अंतिम शब्द यही थे।

कास्टानेर ने कहा कि फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने देश के न्याय मंत्री से इसके बारे में जानकारी मांगी है। हम न्याय और पारदर्शिता चाहते हैं और राष्ट्रपति भी इसी के लिए काम कर रहे हैं। कास्टानेर ने कहा कि फ्रांसीसी पुलिस ने अश्वेत लोगों के खिलाफ किसी भी लक्षित हिंसा को अंजाम नहीं दिया। फ्रांसीसी पुलिस अमरीकी पुलिस नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि पुलिस बल में किसी भी तरह से नस्लवाद की जरा सी भनक मिलने पर निलंबन किया जाएगा।

Published on:
11 Jun 2020 11:51 am