PNB घोटाले के बाद पहले भारत से भागा, अब एंटीगुआ से भी लापता हुआ मेहुल चौकसी, परिवार भी परेशान
नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक घोटाले ( PNB Scam ) में आरोपी और भगोड़ा घोषित मेहुल चौकसी ( Mehul Choksi ) लापता हो गया है। चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने कहा कि उसका परिवार चिंतित है और मुझसे मिलने को कहा है। एंटीगुआ ( Antigua )पुलिस इसकी तलाश में जुट गई है।
मंगलवार को एंटीगुआ की स्थानीय रिपोर्ट्स में भी चौकसी के लापता होने की पुष्टि हुई। आपको बता दें कि मेहुल चौकसी नीरव मोदी का मामा है और उसने एंटीगुआ में एक नागरिक के रूप में शरण मांगी है।
डिनर के लिए निकला और हो गया गायब
मेहुल के वकील का कहना है कि मेहुल चौकसी सोमवार को अपने घर से निकल कर द्वीप के दक्षिण हिस्से में एक प्रसिद्ध रेस्त्रां में डिनर करने के लिए निकला और फिर वापस नहीं लौटा। तब से ही उसका कोई पता नहीं है।
वहीं एंटीगुआ की स्थानीय मीडिया antiguanewsroom.com की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि हीरा व्यापारी का वाहन शाम को जॉली हार्बर में मिला था। जबकि वकील के मुताबिक चौकसी के परिवार के लोग भी परेशान हैं और मुझे बातचीत के लिए बुलाया भी था। परिवार उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित है।
वांटेड है चौकसी
आपको बता दें कि एंटीगुआ और बारबुडा में रहने वाले 61 वर्षीय भारतीय कारोबारी और गीतांजलि समूह के मालिक मेहुल चौकसी को केंद्रीय जांच ब्यूरो ( CBI ) और प्रवर्तन निदेशालय ( ED ) ने वांटेड घोषित किया है।
मेहुल चौकसी पर 4 जनवरी, 2018 को एंटीगुआ भागने से पहले पंजाब नेशनल बैंक ( PNB ) से 13,578 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने समेत 7,080 करोड़ रुपए के करीब का गबन करने का आरोप है।
पीएनबी धोखाधड़ी मामले में चौकसी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया है। दरअसल चौकसी ने वर्ष 2017 में निवेश कार्यक्रम के जरिए एंटीगुआ और बरमुडा की नागरिकता ली थी,जिसके कुछ महीने बाद पीएनबी का घोटाला सामने आया था। यानी करीब चार वर्षों से चौकसी एंटीगुआ में रह रहा है।
आपको बता दें कि कुछ समय पहले ही में पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में भगोड़ा कारोबारी मेहुल चौकसी पर हुई छापेमारी में प्रवर्तन निदेशालय ने 14 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति जब्त की थी।
दुबई और यूएस में भी ग्राहकों को धोखा
पिछले साल दायर एक चार्जशीट में, ईडी ने दावा किया था कि चोकसी ने न केवल भारतीय बैंकों को बल्कि दुबई और संयुक्त राज्य अमरीका में भी ग्राहकों और ऋणदाताओं को धोखा दिया है। उनकी 2,500 करोड़ की संपत्ति पहले ही कुर्क की जा चुकी है।