कोर्ट के जज सेबेस्टियन बुर्हमैन ने हैरानी जताई, कहा- मामला कल्पना से परे नील्स हेगल को रंगे हाथों 2005 में एक मरीज को जहर देते हुए पकड़ा था इस नर्स से जुड़े कई मामले खुद पीड़ित परिवार सामने लेकर आए
ओल्डेनबर्ग।जर्मनी में एक नर्स की हैवानियत ने स्वास्थ्य क्षेत्र को बदनाम कर दिया है। इस पुरुष नर्स ने 85 मरीजों को जहर का इंजेक्शन देकर मौत की नींद सुला दिया। ये आंकड़े और भी बड़े हो सकते हैं। अदालत ने हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस सनसनीखेज मामले को लेकर कोर्ट के जज सेबेस्टियन बुर्हमैन ने हैरानी जताई है। उनका कहना है कि यह मामला समझ से परे है। इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है। ये मामले 2000 से 2005 के बीच के हैं। नील्स हेगल को रंगे हाथों 2005 में एक मरीज को जहर देते हुए पकड़ा गया था। तब उसे सात साल की सजा हुई थी। इसके बाद कई पीड़ित इस तरह के मामले खुद कोर्ट में लेकर आए।
अवशेषों को कब्रों से निकालना पड़ा
अभियोजन पक्ष को यह मामला साबित करने के लिए 130 से अधिक शवों के अवशेषों को कब्रों से निकालना पड़ा। पुलिस को आशंका है कि आंकड़े और भी बड़े हो सकते हैं। क्योंकि हेगल की याद्दाश्त काम नहीं कर रही है। ऐसे में कई पीड़ितों को बिना पोस्टमार्टम के दफना दिया गया।
छह अन्य मामलों में दोषी हेगल
हत्या के छह अन्य मामलों में होगेल को पहले भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी और वह इस सजा के दस साल काट चुका है। होगेल को 2005 में जर्मनी के डेलमेनहोर्स्ट में एक मरीज को जहर का इंजेक्शन देते हुए पकड़ा गया था। इस मामले में उसे सात साल की सजा सुनाई गई थी।
पीड़ित परिजनों से माफी मांगी
दूसरा मामला 2014 और 15 में पीड़ितों के परिजनों के दबाव के तहत शुरू किया गया। उसे पांच अन्य मरीजों की हत्या का दोषी पाया गया तथा 15 साल की सजा सुनाई गई। बुधवार को सुनवाई के अंतिम दिन, होगेल ने अपनी हैवानियत के लिए पीड़ित परिजनों से क्षमा मांगी।
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