कोरोना वायरस महामारी ( Coronavirus Pandemic ) को लेकर दुनिया भर में वैश्विक नेतृत्व ( global leadership) और एकजुटता की कमी बनी बड़ी चुनौती। विश्व स्वास्थ्य संगठन ( World Health Organisation ) के प्रमुख ( Tedros Adhanom Ghebreyesus ) ने महामारी से ज्यादा खतरनाक राजनीति को बताया। दुबई में आयोजित विश्व स्वास्थ्य सम्मेलन ( World Health Summit ) के दौरान सोमवार को मजबूत स्वास्थ्य देखभाल ( healthcare facilities ) पर दिया जोर।

दुबई। दुनिया भर में रोजाना तेजी तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस महामारी ( Coronavirus Pandemic ) के मामलों के बीच कई ऐसी चीजें हैं, जो इससे निपटने में बड़ी चुनौतियां खड़ी कर रही हैं। इस संबंध में विश्व स्वास्थ्य संगठन ( World Health Organisation ) के प्रमुख ने सोमवार को बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में इस महामारी से ज्यादा बड़ा खतरा वैश्विक नेतृत्व ( global leadership ) और एकजुटता की कमी है। महामारी के राजनीतिकरण ने इसे और बदतर बना दिया है।
हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तार से तो नहीं बताया लेकिन विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमरीका समेत कुछ सदस्य देशों द्वारा WHO की आलोचना की गई है। अमरीका ने कहा कि बीमारी से निपटने में यह (WHO) यह बहुत कमजोर, बहुत धीमा और "चीन-केंद्रित" भी था। अन्य सदस्य राष्ट्रों ने महामारी की समीक्षा करने का आह्वान किया है। ऑस्ट्रेलिया ने डब्ल्यूएचओ को और अधिक शक्तियां प्रदान करने का आग्रह किया है जिससे वह इस स्वास्थ्य संकट पर अधिक तेजी से काम कर सके।
दुबई द्वारा आयोजित वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट ( World Health Summit ) नामक एक वर्चुअल हेल्थ फोरम कार्यक्रम में डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस एडनोम घेब्येयियस ( Tedros Adhanom Ghebreyesus ) ने कहा, "दुनिया को राष्ट्रीय एकता और वैश्विक एकजुटता की सख्त जरूरत है। महामारी के राजनीतिकरण ने इसे बढ़ा दिया है।"
उन्होंने आगे कहा, "अब हम जिस सबसे बड़े खतरे का सामना कर रहे हैं वह वायरस नहीं है बल्कि यह वैश्विक एकजुटता और वैश्विक नेतृत्व की कमी है।" उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों के कुछ हिस्सों को "उद्देश्य के लिए अधिक उपयुक्त" बनाने के लिए उन्हें मजबूत करने की आवश्यकता है।
हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि वे कौन से हिस्से हैं जिनकी मजबूती की जरूरत है, लेकिन उन्होंने केवल इन्हें "पूरी तरह से लागू होने के लिए समन्वित, पूर्वानुमानित, पारदर्शी, व्यापक और लचीली निधि" को पूरी तरह लागू करने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी देशों को सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा को एक प्राथमिकता बनाना चाहिए। जबकि दुनिया को चेतावनी देते हुए कहा था कि मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली ( healthcare facilities ) "वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ ही सामाजिक एवं आर्थिक विकास की नींव" थी।
इससे पहले डब्ल्यूएचओ ने शुक्रवार को कहा था कि कोरोना वायरस महामारी ( Coronavirus outbreak update ) तेजी से बढ़ रही है। वैश्विक संक्रमण से 83 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं जबकि 453,834 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, नॉर्वे के स्वास्थ्य मंत्री बेंट होई ने आगाह किया है कि अभी कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप खत्म होने में वक्त है।