
नई दिल्ली। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के संसद भंग करने के फैसले के बाद सियासी घमासान बढ़ गया है। अघोषित रूप से दो फाड़ हो चुकी सत्तारूढ़ दल के प्रचंड-नेपाल गुट ने पीएम ओली को संसदीय दल के नेता के पद से भी हटा दिया है। उनकी जगह इस गुट ने पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' को नया संसदीय दल का नेता घोषित किया है।
करीब 31 महीने पहले अस्तित्व में आई कम्युनिस्ट पार्टी के दोनों धड़े अब खुद को 'असली पार्टी' बताने का दावा कर रहे हैं। दोनों ही धड़ों ने सेंट्रल कमेटी की अलग-अलग बैठक की है। इस संकट में भी फिर से चीनी राजदूत हाओ यांकी कूद पड़ी हैं। उन्होंने नेपाली राष्ट्रपति से मुलाकात की है।
बताया जा रहा है कि प्रचंड गुट और विपक्षी दल जनता समाजवादी पार्टी साथ मिलकर बहुमत का दावा पेश कर सकते हैं, इसको लेकर स्पीकर को चिट्ठी सौंपी जा सकती है। दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाओं पर सुनवाई होनी है। ओली द्वारा संसद भंग के फैसले को चुनौती देते हुए एक दर्जन से अधिक याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई हैं। नेपाल के चीफ जस्टिस सी राना को इस बात पर भी फैसला लेंगे कि इन याचिकाओं की सुनवाई कौन करेगा।