खशोगी की हत्या बीते दिनों सऊदी वाणिज्य दूतावास में हो गई थी। उनकी हत्या की साजिश रची गई थी।
मॉस्को। तुर्की स्थित सऊदी वाणिज्य दूतावास में पत्रकार और स्तंभकार जमाल खशोगी की हत्या की खबर के बाद एक तरफ पूरी दुनिया रियाद के शाही परिवार की तरफ उंगुली उठा रही है। वहीं रूस सरकार ने शुक्रवार को कहा कि उसका मानना है कि पत्रकार की हत्या में सऊदी अरब के शाही खानदान का कोई हाथ नहीं है। क्रेमलिन ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और सऊदी अरब के शाह सलमान के बीच इस मुद्दे पर हुई बातचीत के बाद यह बयान दिया है। गौरतलब है कि खशोगी की हत्या बीते दिनों वाणिज्य दूतावास में हो गई थी। उनकी हत्या की साजिश रची गई थी। पहले उन्हें लापाता बताया गया। मगर तुर्की के गुप्तचर विभाग ने उनकी हत्या की पुष्टि पहले ही कर दी। कुछ दिनों बाद खुलासा हुआ कि उनके दूतावास में घुसने के दस मिनट बाद ही उनकी हत्या कर दी गई। इसके बाद उनके शरीर के टुकड़े कर एक कुएं में डाल दिए गए। इस पर अमरीका ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और उसका कहना है कि वह दोषियों को सजा दिलवा कर रहेगा।
शाही खानदान का कोई हाथ नहीं
मीडिया से रूबरू पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव से जब पूछा कि क्या क्रेमलिन पूरी तरह मानता है कि तुर्की के इस्तांबुल में हुई खशोगी की हत्या में सऊदी अरब के शाही खानदान का कोई हाथ नहीं है,इस पर प्रवक्ता ने कहा कि सवाल अनुचित है।
किसी के पास कोई आधार नहीं
पेस्कोव ने कहा कि सऊदी अरब के शाह की तरफ से एक आधिकारिक बयान आया है, वली अहद (क्राउन प्रिंस) मोहम्मद बिन सलमान ने आधिकारिक बयान दिया है और उन पर यकीन नहीं करने का किसी के पास कोई आधार नहीं होना चाहिए। पुतिन ने गुरुवार की शाम सऊदी अरब के शाह सलमान से फोन पर बात की और खशोगी के मामले से जुड़े हालात पर चर्चा की।