
रामल्लाः फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने अमरीका और इजराइल की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया में गतिरोध के लिए इजरायल और अमरीका दोनों ही जिम्मेदार हैं। एक समाचार एजेंसी के अनुसार अब्बास ने यह टिप्पणी मोरक्को के विदेश मंत्री नासेर बॉरिता के साथ रामल्ला में एक बैठक के दौरान कही। उन्होंने कहा कि इजरायल के कदम और अमरीका की अनुचित नीतियां शांति प्रक्रिया में गतिरोध का प्रमुख कारण हैं, जिसकी वजह से दोनों देशों के रिश्ते कभी सामान्य नहीं रहे।
अंतरराष्ट्रीय शांति सम्मेलन करने की मांग
फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने विश्व समुदाय से अपील की है कि अंतरराष्ट्रीय प्रस्तावों के आधार पर एक शांति सम्मेलन आयोजित किया जाए, जो कि फिलिस्तीन के हितों के लिए हो। उन्होंने कहा कि उनके देश के हितों के समाधान के लिए एक तंत्र विकसित किया जाए जिससे शांति प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। फिलिस्तीन की सरकारी समाचार एजेंसी (डब्ल्यूएएफए) की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति अब्बास ने मोरक्को के विदेश मंत्री को फिलिस्तीनी क्षेत्र के हालिया घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी, जो कि इजरायल और अमेरिका की नीतियों की वजह से रुका हुआ है।
क्या है इजरायल-फिलिस्तीन विवाद?
इजरायल और फिलिस्तीन के बीच काफी लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। इस विवाद को लेकर अमरीका हमेशा से इजराइल का पक्ष लेता रहा है जबकि अऱब देशों का फिलिस्तीन की तरफ झुकाव रहता है। इन दोनों देशों के बीच विवाद मुख्य रुप से गाजा पट्टी क्षेत्र को लेकर है। गाजा पट्टी पर इजरायल और फिलिस्तीन दोनों देश अपना अधिकार जताते रहे हैं। इसको लेकर दोनों देशों में कई बार युद्ध हो चुका है।
दोनों देशों से है भारत के अच्छे संबंध
भारत हमेशा से इजरायल और फिलिस्तीन के बीच शांति चाहता रहा है। भारत के इन दोनों देशों से रिश्ते भी काफी अच्छे माने जाते हैं। अभी हाल में ही इजराइल के प्रधानमंत्री भारत आए थे जबकि प्रधानमंत्री मोदी भी इजराइल जा चुके हैं। इस साल फरवरी में ही पीएम मोदी फिलिस्तीन के दौरे पर भी गए थे।