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फेसबुक डेटा लीक: मार्क जुकरबर्ग ने अमरीकी सीनेट से मांगी माफी

मंगलवार को अमरीकी सीनेट में सुनवाई के लिए हाजिर हुए मार्क जुकरबर्ग सीनेट के सदस्यों के सवाल का जवाब देते वक्त काफी घबराए हुए थे।
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Updated: 11 Apr 2018, 8:42 AM IST
mark jukerberg

नई दिल्ली। फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने मंगलवार को अमरीकी सीनेट की सुनवाई में हिस्सा लिया। सुनवाई के दौरान जुकरबर्ग काफी गंभीर दिखे। डेटा लीक मामले पर वह सीनेट सदस्यों के निशाने पर रहे। अमरीकी सीनेट में पेश हुए जुकरबर्ग ने डेटा लीक की जिम्मेदारी लेते हुए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि हमसे गलतियां हुई हैं इसके लिए मैं पूरी तरह से जिम्मेदार हूं।

गौरतलब है कि इसे पहले फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने सोमवार को अमेरिकी कांग्रेस के समक्ष लिखित बयान देकर भी डेटा दुरुपयोग को लेकर माफी मांगी थी। गौरतलब है कि ब्रिटेन की डेटा विश्लेषक कंपनी कैम्ब्रिज एनालिटिका द्वारा फेसबुक के डेटा का दुरुपयोग विवाद को लेकर फेसबुक को खासी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।

बार-बार पानी पीते नजर आए जुकरबर्ग

जुकरबर्ग से सीनेट के 44 सीनेटर्स ने तीखे सवाल पूछे। कई सवालों पर जुकरबर्ग हकलाते और बार बार पानी पीते नजर आए। अमरीकी सीनेट के कॉमर्स कमेटी के चेयरमैन सेन जॉन थ्यून ने आरोपों की शुरुआत करते हुए कहा की कहा कि "जुकरबर्ग आपने और आपके लोगों ने जो कंपनी बनाई है और जिस सफलता से आपकी कंपनी कार्य करती है, वह अमेरिकी लोगों के लिए प्ररेणा स्रोत है, लेकिन इसके साथ ही आपके ऊपर एक दायित्व भी है और यह आप पर निर्भर करता है कि आप सुनिश्चित करें कि आपकी सेवाओं और उसका इस्तेमाल करने वाले लाखों लोगों की गोपनीयता एक मजाक बनकर तो नहीं रह गई है। इन आरोपों पर जुकरबर्ग ने कहा कि "मैं अपनी गलती की जिम्मेदारी लेता हूं। मुझे मालूम है कि हमनें अपनी जिम्मेदारी के बारे में गहराई से नहीं सोचा और यह एक बड़ी चूक है। मैं इसके लिए माफी मांगता हूं।" उन्होंने आगे कहा कि फेसबुक को मैंने शुरू किया था इसलिए सबसे अधिक जिम्मेदारी मेरी ही है।

भारत के चुनाव में नहीं होगा असर

जुकरबर्ग ने भारत में अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव के बारे में कहा कि हम पूरी कोशिश करेंगे कि भारत में होने वाले आगामी चुनाव में फेसबुक के माध्यम से किसी को कोई अन्यथा लाभ न पहुंचे। जुकरबर्ग ने डेटा लीक की गलती मानते हुए कहा कि यह हमारी पूरी जिम्मेदारी है कि हम न केवल सिक्योरिटी टूल्स बनाएं बल्कि इस बात को भी आश्वस्त करें कि उसका इस्तेमाल अच्छे काम के लिए हो। भारत में लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2016 में हुए अमेरिकी चुनाव के बाद हमारी प्राथमिकता है कि हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में होने वाले चुनाव में इमानदारी बरतें।

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11 Apr 2018, 8:42 AM IST
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