पाकिस्तान के बड़बोले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोइद यूसुफ ने धमकी भरे अंदाज में कहा कि यदि अमरीकी राष्ट्रपति जो बिडेन लगातार हमारी उपेक्षा करते रहे तो हमारे पास भी दूसरे विकल्प हैं।
नई दिल्ली। अमरीकी राष्ट्रपति का पदभार संभालने के बाद जो बिडेन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें अफगानिस्तान समेत कई अहम मसलों पर चर्चा की गई। लेकिन राष्ट्रपति बनने के बाद से अब तक जो बिडेन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच बातचीत नहीं हुई है। इसको लेकर अब पाकिस्तान बौखला गया है।
इमरान खान से अब तक बात नहीं किए जाने को लेकर पाकिस्तान ने अमरीका को धमकी भी देनी शुरू कर दी है। पाकिस्तान के बड़बोले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोइद यूसुफ ने धमकी भरे अंदाज में कहा कि यदि अमरीकी राष्ट्रपति लगातार हमारी उपेक्षा करते रहे तो हमारे पास भी विकल्प है।
एक साक्षात्कार में पाकिस्तानी एनएसए मोइद यूसुफ ने कहा 'अमरीकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने अभी तक पाकिस्तान के पीएम इमरान खान से बात नहीं की है, जबकि अफगानिस्तान के मद्देनजर हमारा देश कितना महत्वपूर्ण है इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। हम अमरीका की ओर से दिए जा रहे संकेत को समझने की कोशिश कर रहे हैं। हमें हर बार यही कहा गया कि बिडेन बात करेंगे। अब चाहे तकनीकी कारण हो या फिर कुछ ओर.. अब तक नहीं हुई है.. स्पष्टता के साथ कहें तो अब लोग भरोसा नहीं करते हैं।'
अमरीका को पाकिस्तान की धमकी!
पाकिस्तानी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा मोइद यूसुफ ने धमकी भरे अंदाज में कहा कि पाकिस्तान के पास विकल्प हैं। यदि एक फोन कॉल सुविधा है.. यदि एक सुरक्षा रिश्ता एक सुविधा है.. तो हमारे पास भी विकल्प है। मोइद का इशारा साफ तौर पर चीन की ओर था। चूंकि चीन पाकिस्तान के बेहद करीब है जबकि अमरीका और चीन में कई मोर्चों पर तनाव की स्थिति देखी जा रही है।
जब मोइद से ये पूछा गया कि पाकिस्तान के पास अमरीका का क्या विकल्प है तो इसपर उन्होंने आगे कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। बता दें कि पाकिस्तान चीन को अपना आइरन ब्रदर मानता है। चीन ने बेल्ट एंड रोड परियोजना के माध्यम से पाकिस्तान में अरबों डॉलर का निवेश किया है।
अफगानिस्तान में पाकिस्तान की अहम भूमिका: अमरीका
अमरीका ने इस बीच कहा है कि अफगानिस्तान में शांति बहाली को लेकर पाकिस्तान की एक बड़ी भूमिका है। अमरीका चाहता है कि पाकिस्तान अपनी भूमिका को निभाते रहे। अमरीका यह भी चाहता है कि अफगानिस्तान पर तालिबान को कब्जा करने से पाकिस्तान रोके। अफगानिस्तान की सरकार लगातार ये आरोप लगाती रही है कि पाकिस्तान तालिबान का साथ दे रही है।
अधिकारी ने कहा है कि अमरीका की सेना की वापसी के साथ ही अफगानिस्तान में एक बार फिर से खून संघर्ष शुरू हो गया है और कई महत्वूर्ण इलाकों पर तालिबान ने कब्जा कर लिया है। ' बता देें कि बिडेन प्रशासन के एक अफसर ने कहा कि दुनिया में ऐसे कई नेता हैं जिन्हें राष्ट्रपति बनने के बाद बिडेन ने निजी तौर पर फोन नहीं किया है। सही समय आने पर सभी से बात की जाएगी और वे इमरान खान से भी बात करेंगे।
मालूम हो कि इस साल 27 अप्रैल को कोरोना संक्रमण के मद्देनजर पीएम मोदी और राष्ट्रपति जो बिडेन के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद पीएम मोदी ने खुद इसकी जानकारी ट्वीट कर दी थी।