Pfizer और BioNtech ने यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी (EMA) से अनुरोध किया है कि वैक्सीनेशन का दायरा बढ़ाने के लिए 12 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों को टीका लगाने की इजाजत दी जाए।
नई दिल्ली। दुनिया में तेजी के साथ कोरोना संक्रमण के मामले अभी भी बढ़ रहे हैं। हालांकि, दूसरी तरफ इस महामारी से निपटने के लिए तेजी के साथ टीकाकरण अभियान के भी चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में अब कोरोना वैक्सीन उत्पादक Pfizer और BioNtech ने यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी (EMA) से अनुरोध किया है कि वे किशोरों के लिए भी वैक्सीन अधिकृत करें।
EMA ने कहा कि बारह से पंद्रह साल के बच्चों के लिए वैक्सीन लगाए जाने की इजाजत दी जाए। एक संयुक्त बयान में दोनों कंपनियों ने कहा कि उन्होंने EMA को 12 से 15 वर्ष की आयु के किशोरों के लिए भी वैक्सीन लगवाने को अधिकृत करने के लिए अनुरोध किया है।
'फाइजर और बायोएनटेक ने आज घोषणा की कि उन्होंने यूरोपीय संघ (ईएमए) में यूरोपीय संघ (ईएमए) के सशर्त विपणन प्राधिकरण (सीएमए) को फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन को 12 से 15 वर्ष की आयु के किशोर के उपयोग के लिए अनुरोध किया है।
बच्चों में 100 फीसदी प्रभावी है टीका
कंपनी ने कहा है कि यदि EMA से मंजूरी मिल जाता है को यूरोप के 27 देशों में यह नियम मान्य होगा। इससे पहले कंपनी ने आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण (EUA) के लिए अमरीकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA)से ये अनुरोध किया है और दुनिया के बाकी देशों के नियामक अधिकारियों के साथ अतिरिक्त संशोधनों का अनुरोध करने की योजना बना रही है।
कंपनी की ओर से जारी बयान के मुताबिक, 12-15 साल के बच्चों पर क्लिनिकल ट्रायल के बाद यह फैसला लिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री स्टीफन डोनली ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि हम जुलाई में टीकाकरण कर सकेंगे।
जानकारी के मुताबिक, यह निर्णय 3 क्लिनिकल परीक्षण के डेटा पर आधारित है। परीक्षण में 12 से 15 वर्ष की आयु के 2,260 प्रतिभागियों को शामिल किया गया था। 31 मार्च 2021 को घोषित परिणाम ये पाया गया कि प्रतिभागियों में SARS-CoV-2 संक्रमण और मजबूत एंटीबॉडी प्रतिक्रियाओं के साथ वैक्सीन 100 फीसदी असरदार रहा। बयान के अनुसार, टीका की दूसरी खुराक लगाने के बाद अगले दो साल तक इसका प्रभाव रहेगा।