HIGHLIGHTS अमरीका की दवा कंपनी फाइजर और जर्मनी की बायोटेक फर्म बायोएनटेक ( Pfizer And BioNTech ) ने दावा किया है कि कोरोना वैक्सीन ( Corona Vaccine ) के तीसरे चरण का ट्रायल सफल रहा है। दोनों कंपनियों ने दावा किया है कि उनकी वैक्सीन उन लोगों के इलाज में भी कारगर साबित हुई है, जिनमें कोरोना के कोई लक्षण दिखाई नहीं दे रहे थे।

वाशिंगटन। कोरोना महामारी ( Corona Epidemic ) से पूरी दुनिया जूझ रही है और लगातार कोरोना के मामले तेजी से बढ़ते ही जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कई देशों के वैज्ञानिक व शोधकर्ता लगातार वैक्सीन ( Corona Vaccine ) बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस बीच अमरीका से एक बड़ी खुशखबरी आई है।
अमरीका की दवा कंपनी फाइजर और जर्मनी की बायोटेक फर्म बायोएनटेक ( Pfizer And BioNTech ) ने दावा किया है कि कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल सफल रहा है और उनकी वैक्सीन कोरोना के इलाज में 90 फीसदी से अधिक असरदार है।
दोनों कंपनियों ने दावा किया है कि उनकी वैक्सीन उन लोगों के इलाज में भी कारगर साबित हुई है, जिनमें कोरोना के कोई लक्षण दिखाई नहीं दे रहे थे। कंपनी के दावे के बाद से कोरोना वैक्सीन की उम्मीद बढ़ गई है और आशा की जा रही है कि अगले साल के शुरूआती महीनों में कोरोना वैक्सीन आ जाएगी।
164 पुष्ट मामलों तक ट्रायल जारी रहेगा
फाइजर के चेयरमैन और सीईओ डॉ. अल्बर्ट बौरला ने वैक्सीन की सफलता को लेकर कहा कि आज का दिन मानवता और विज्ञान के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। हमारी कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल सफल रहा है। ट्रायल के बाद सामने आए परिणामों का पहला समूह हमारी वैक्सीन की कोरोना को रोकने की प्रभावी क्षमता को दर्शाता है।
उन्होंने आगे कहा कि वैक्सीन डेवलपमेंट प्रोग्राम में यह सफलता ऐसे समय में मिली है जब पूरी दुनिया को इस वैक्सीन की जरूरत है और लगातार संक्रमण की दर नए रिकॉर्ड बना रही है। डॉ. अल्बर्ट ने कहा है कि भले ही अभी वैक्सीन का ट्रायल सफल रहा है, लेकिन इस वैक्सीन का परीक्षण तक तक जारी रहेगा जब तक कि 164 पुष्ट मामले नहीं हो जाते हैं।
बता दें कि वैक्सीन के तीसरे चरण के परीक्षण में 43 हजार से अधिक लोग शामिल हैं। मालूम हो कि दुनिया भर में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर अब पांच करोड़ सात लाख के पार हो गई हैं, जबकि मरने वालों की संख्या भी 12 लाख 62 हजार से अधिक पहुंच गया है।