
संयुक्त राष्ट्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया के उच्चतम पर्यावरणीय सम्मान चैंपियंस ऑफ द अर्थ' से नवाजा गया है। यह संयुक्त राष्ट्र द्वारा दिया जाने वाला सबसे बड़ा पर्यावरण सम्मान है। 'चैंपियंस ऑफ द अर्थ' पुरस्कार उन्हें पॉलिसी लीडरशिप कैटिगरी में दिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी के साथ यह पुरस्कार फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को भी दिया गया है। भारतीय प्रधान मंत्री को यह सम्मान नवीनीकृत ऊर्जा के स्रोतों पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण कार्यों के लिए दिया गया है।
सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के साथ पीएम मोदी को यह अवार्ड को पर्यावरण के मुद्दे पर दुनिया भर में कई मंचों पर आवाज उठाने और भारत के तरफ से महत्वपूर्ण पर्यावरण समझौते करने के लिए दिया गया है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह खत्म करने की शपथ ली है। संयुक्त राष्ट्र ने उनके इस काम को नोटिस करते हुए कहा कि पीएम के यह शपथ अनोखी है। जबकि पूरी दुनिया इस समय पल्स्टिक के बढ़ते उपयोग से चिंतित है, ऐसे में इंडियन पीएम का प्लास्टिक के उपयोग पर दृढ़ता दिखाना एक नीतिगत बदलाव का संकेत है।
पुरस्कार मिलना गर्व की बात
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि 'फ्रांस के साथ इस तरह का पुरस्कार प्राप्त करना भारत के लिए बड़ा सम्मान है। यह न केवल प्रधान मंत्री मोदी के लिए बल्कि भारत के लिए भी बड़ा सम्मान है। प्रधान मंत्री मोदी को फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ संयुक्त राष्ट्र के उच्चतम पर्यावरणीय सम्मान मिलने से पर्यावरण से जुड़े सभी मुद्दों भारत के प्रयासों की सराहना जैसा है।'
कोच्चि इंटरनेशन एयरपोर्ट भी सम्मानित
संयुक्त राष्ट्र का पर्यावरण सम्मान चीन के जिनजिआंग ग्रीन रूरल प्रोग्राम को भी दिया गया है। चीन के पूर्वी प्रान्त से होकर बहने वाली गंदी नदियों को साफ करने के लिए यह पुरस्कार दिया गया है। इसके अलावा भारत के कोच्चि इंटरनैशनल एयरपोर्ट को सस्टेनेबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) की दिशा में आगे बढ़ते हुए उद्यमिता दृष्टि दिखाने के लिए अवॉर्ड दिया गया है।