रूसी स्पेस एजेंसी ने भारत को शॉर्ट ट्रेनिंग मिशन पर अंतरिक्ष यात्री भेजने का प्रस्ताव दिया है
नई दिल्ली। रूस की मदद से 2022 में भारतीय अंतरिक्ष यात्री को ट्रेनिंग मिशन के लिए अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर भेजा जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रूसी स्पेस एजेंसी ने भारत को शॉर्ट ट्रेनिंग मिशन पर अंतरिक्ष यात्री भेजने का प्रस्ताव दिया है। यह मिशन 2022 में भारत के स्वतंत्र मानव अंतरिक्ष मिशन से पहले या बाद में होगा।
2022 तक स्वदेशी विमान तैयार करने की मंशा
प्रस्ताव पर निकट भविष्य में हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पृथ्वी की निचली कक्षा में रहने योग्य कृत्रिम उपग्रह है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर 2022 तक स्वेदश में विकसित ‘गगनयान’ से अंतरिक्ष में मानव भेजने के महत्वाकांशी मिशन की घोषणा की थी। अगर यह मिशन सफल रहता है तो ऐसा करने वाला भारत चौथा देश बन जाएगा। इससे पहले अमेरिका, रूस और चीन ही अंतरिक्ष में मानव को भेज चुके हैं।
अंतरिक्ष में जाने वाले भारतीय राकेश शर्मा
पूर्व एयरफोर्स पायलट राकेश शर्मा अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय थे। वह सोवियत यूनियन के सोयज टी-11 अभियान का हिस्सा थे,जिसे इंटरकोस्मोस कार्यक्रम के तहत दो अप्रैल 1984 को लांच किया गया था। इसके बाद भारतीय मूल की कल्पना चावला अमरीकी अंतरिक्ष यान में जाने वाली पहली महिला थी। 2003 में चावला सात चालक दल के सदस्यों में से एक थी, जिनकी स्पेस शटल कोलंबिया में विस्फोट होने के बाद मौत हो गई। इसके बाद भारतीय मूल की संयुक्त राज्य अमेरिका नौसेना अधिकारी पांड्या सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष यात्री बनीं। विलियम्स ने 50 घंटे 40 मिनट तक स्पेस रिकॉर्ड बनाया। अंतरिक्ष अभियान में 14 सदस्यों में से एक थी विलियम्स। 2012 में वह अपने अभियान में एक फ्लाइट इंजीनियर के रूप में स्पेस स्टेशन गईं थीं।