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रोहिंग्या मुसलमानों पर किए गए अत्याचारों में भागीदारी के लिए आंग सन सू ची से कनाडा की नागरिकता वापस ली

असैन्य नेता सू ची को 2007 में दिया गया था प्रतीकात्मक सम्मान
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Mohit Saxena

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Updated: 3 Oct 2018, 11:33 AM IST

mayanmar

रोहिंग्या मुसलमानों पर किए गए अत्याचारों में भागीदारी के लिए आंग सन सू ची से कनाडा की नागरिकता वापस ली

ओटावा। म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों पर किए गए अत्याचारों में भागीदारी के लिए कनाडा की संसद ने आंग सान सू ची की कनाडा की मानद नागरिकता औपचारिक रूप से वापस ले ली। सीनेट ने म्यांमार की असैन्य नेता सू ची को 2007 में दिया गया था प्रतीकात्मक सम्मान वापस लेने के पक्ष में सर्वसम्मति से मतदान किया। गौरतलब है कि म्यांमार में रह रहे रोहिंग्या मुसलमान हिंसा के कारण देश छोड़ चुके हैं। उनके घरों को दूसरे समुदाय के लोगों ने उजाड़ दिया। मजबूर होकर उन्हें देश छोड़ पर उन्हें पड़ोसी मुल्कों मे शरणार्थियों की तरह रहना पड़ रहा है। वह बांग्लादेश और भारत में शरणार्थियों की तरह रहने पर मजबूर हैं। उनका गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहा है।

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पहली शख्स जिनसे कनाडा की नागरिकता वापस ली

पिछले सप्ताह हाउस हाउस ऑफ कॉमन्स ने भी इसी तरह से सर्वसम्मति से उनकी मानद नागरिकता वापस लेने के पक्ष में मतदान किया था। ऊपरी सदन में यह कदम उसके बाद उठाया गया है। सू ची पहली व्यक्ति हैं, जिनकी कनाडा की मानद नागरिकता वापस ली गई है। रोहिंग्या मुद्दे पर सू ची की प्रतिक्रिया पर वैश्विक और शरणार्थियों के लिए काम करने वाली संस्थाओं ने सवाल उठाए हैं।

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संयुक्त राष्ट्र की रिसर्च टीम ने पिछले महीने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि म्यांमार की सेना ने हजारों रोहिंग्या नागरिकों की व्यवस्थित तरीके से हत्या की। उनके सैकड़ों गांवों को जला दिया और जाति संहार किया गया और सामूहिक बलात्कार की घटनाओं को अंजाम दिया गया। म्यांमार मे दो पत्रकारों की गिरफ्तारी पर भी सू ची की चुप्पी की काफी आलोचना हुई।