
नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर अमरीका के दौरे पर हैं। शुक्रवार को उनकी मुलाकात यहां के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जैक सुलीवन से हुई। इस अहम बैठक में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस को लेकर चर्चा हुई। दोनों देशों ने मिलकर इस महामारी को खत्म करने की रणनीति बनाई।
50 करोड़ डॉलर से अधिक की मदद दी
अब तक अमरीका ने भारत को कोरोना संकट से निपटने के लिए 50 करोड़ डॉलर से अधिक की मदद दी है। इस मदद में चिकित्सा उपकरण,ऑक्सीजन कंसनट्रेटर और जरूरी दवाइयां आदि शामिल हैं। जयशंकर के साथ बैठक में अमरीका ने इस सहयोग को आगे भी जारी रखने का वादा किया है। बैठक के बाद अमरीकी एनएसए जैक सुलीवन ने ट्वीट कर कहा कि हम वैश्विक महामारी का खात्मा मिलकर करेंगे।
व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की प्रवक्ता एमिली होर्न ने बताया कि बैठक में सुलीवन और जयशंकर ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी बात की। दोनों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मिल रहीं चुनौतियों से निपटने के लिए अमरीका और भारत के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा।
वैश्विक महामारी का खात्मा हो सकेगा
अमरीकी एनएसए जैक सुलीवन का कहना है कि दोनों देशों के लोगों का एकदूसरे से संपर्क बना हुआ है। इस साझेदारी की मदद से वैश्विक महामारी का खात्मा हो सकेगा। अमरीका जलवायु संबंधी मामले का नेतृत्व करने और स्वतंत्र एवं मुक्त हिंद-प्रशांत का समर्थन करने के लिए भारत की मदद करेगा। वहीं विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने कहा कि एनएसए जैक सुलीवन से मुलाकात काफी सकारात्मक रही है। इस दौरान हिंद-प्रशांत और अफगानिस्तान के मुद्दों के साथ कई एजेंडे पर खुली चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से निपटने को लेकर अमरीका की तरफ से दिखाई गई एकजुटता तारीफ के काबिल है। टीके को लेकर भारत-अमरीका की साझेदारी बड़ा बदलाव ला सकती है।