
नई दिल्ली। अमरीका और भारत के बीच रिश्तों को लेकर सदैव सवालिया निशान लगते रहे हैं। अब विदेशमंत्री सुषमा स्वराज के बयान से यह साफ प्रतीत हो रहा है कि भारत और अमरीका के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। सुषमा स्वराज ने अप्रत्यक्ष रूप से टिप्पणी करते हुए सोमवार को कहा कि भारत ईरान को लेकर सिर्फ संयुक्त राष्ट्र की तरफ से लगाए गए प्रतिबंध को मानेगा, किसी अन्य देश विशेष की ओर से लगाए गए प्रतिबंध को लागू नहीं करेगा। बता दें कि यह बयान अमरीका के उस बयान की प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है जिसमें अमरीका ने ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है।
भारत-ईरान के बीच आपसी सहयोग पर चर्चा
आपको बता दें कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज यह बयान देने के बाद ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ से तकरीबन घंटे भर तक मुलाकात की। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच आपसे सहयोग को बढ़ाने, कनेक्टिविटी, ऊर्जा व व्यापार जैसे अहम विन्दुओं पर चर्चा हुई। एक बयान जारी करते हुए सुषमा स्वराज ने बताया कि फरवरी 2018 में ईरान के राष्ट्रपति जब भारत यात्रा पर आए थे तब जो भी सहमती बनी थी उससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई है।
ईरान परमाणु समझौते अमरीका ने खुद को अलग कर लिया है
आपको बता दें कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सख्त फैसला लेते हुए ईरान परमाणु समझौते से खुद को अलग कर लिया है। हालांकि ट्रंप के इस फैसले से कई बड़े देश खुश नहीं है और अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। ब्रिटने, फ्रांस, रूस, चीन पहले ही अपनी नाखुशी जाहिर कर चुके हैं और अब सुषमा स्वराज के बयान को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। अमरीका का ईरान के साथ परमाणु समझौते तोडने के बाद अब तक भारत ने इस बात के कोई संकेत नहीं दिए हैं कि वह ईरान के साथ होने वाले अपने कारोबार में की कटौती करेगा। ईरान भारत के लिए बहुत ही खास महत्व रखता है, क्योंकि भारत ईरान का तीसरा सबसे बड़ा तेल खरीददार देश है।
खरीदे गए तेल के भुगतान के विकल्पों पर हुई चर्चा
गौरतलब है कि अमरीकी प्रतिबंधों को ध्यान में रखते हुए भारत ईरान से खरीदे गए तेल का भुगतान जर्मनी स्थित बैंक के जरिए कर रहा है। अब दोनों देशों के विदेशमंत्रियों के बीच भुगतान को लेकर दूसरे विकल्पों पर भी चर्चा हुई है। जानकार बताते हैं कि जब तक अमरीका ईरान से तेल खरीदने वाली कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव नहीं करता है तब तक भारत मौजूदा व्यवस्था के तहत ईरान से बेधड़क तेल खरीद सकता है। अमरीका के कुछ फैसलों पर सुषमा स्वराज ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि भारत हर संभव कोशिश कर रहा है कि अमरीकी प्रशासन दोनों देशों के हितों का ख्याल रखें।