दुनिया के ज्यादातर सफल व्यक्तियों ( top billionaire in the world ) को अभी तक बताया गया है अपने पैरों पर खड़ा ( self made ) होने वाला। एक चुनाव विश्लेषक ने बताई माइक्रोसॉफ्ट ( story of microsoft ), अमेजॉन ( story of amazon ) और फेसबुक ( story of facebook ) की उपलब्धियों की हकीकत। बिल गेट्स ( bill gates ), जेफ बेजोस ( Jeff bejos ) और मार्क जुकरबर्ग ( Mark Zuckerberg ) की कंपनियों की स्थापना में पैरेंट्स की मिली मदद।
नई दिल्ली। आज तक हमनें दुनिया के सफल लोगों की ढेरों कहानियां सुनी हैं, जिनमें ज्यादातर को खुद के पैरों पर खड़ा होने वाला यानी स्वनिर्मित ( Self Made ) बताया गया है। फिलहाल दुनिया के सबसे अमीरों ( top billionaire in the world ) में शुमार तीन अमरीकी बिग गेट्स ( bill gates ), जेफ बोजेस ( Jeff bejos ) और मार्क जुकरबर्ग ( Mark Zuckerberg ) को लेकर भी ऐसी ही बातें सामने आई हैं कि इन्होंने अपने सपनों को पंख लगाने के लिए एक बेहद छोटी सी जगह पर खुद से शुरुआत की। हालांकि अगर ट्विटर पर हुए खुलासे की मानें तो इन तीन Self Made शख्सियतों की सच्चाई वो नहीं है, जो आपने सुन रखी है।
दरअसल जब किसी व्यक्ति के नाम के आगे अपने पैरों पर खड़ा होने वाला या Self Made का टैग लगाया जाता है, तो यह आमतौर पर ऐसे लोगों से जुड़ा होता है जिन्होंने अपना रास्ता लगभग किसी के साथ नहीं बनाया या शुरू करने के लिए कम से कम दौलत लगाई। पिछले सप्ताह एक मशहूर अमरीकी पत्रकार ने ट्वीट किया था कि कैसे जेफ़ बेजोस ने 1994 में अपने गैराज में अमेजॉन कंपनी ( story of amazon ) की स्थापना की थी।
बिल गेट्स, जेफ बेजोस और मार्क जुकरबर्ग द्वारा शुरू की गई कंपनियों को लेकर भी तकरीबन ज्यादातर यही बताया गया है कि कैसे उन्होंने अपनी कंपनियों को गैराज में शुरू किया और फिर यह छोटे धंधे से बढ़कर दुनिया भर में हावी हो गईं। लेकिन क्या वास्तव में ये कंपनियां Self-Made थीं?
इस बारे में एक चुनाव विश्लेषक ऐडन स्मिथ ने अपने ट्विटर पेज पर बताया कि जब जेफ बोजेस ( Amazon CEO Jeff Bezos ) ने वास्तव में इसे अपने गैराज से शुरू किया था, तब उनके माता-पिता ने कंपनी में लगभग 250,000 डॉलर का निवेश किया था। और हकीकत यह है कि ऐडन की यह बात कोई हवा-हवाई नहीं थी। वर्ष 2018 में CNBC ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि जेफ बेजोस के माता-पिता, जैकी और माइक बेजोस ने 1995 में अमेजॉन में 245,573 डॉलर का निवेश किया था।
हालांकि जेफ बेजोस ही एकमात्र ऐसे व्यक्ति नहीं थे जो किस्मत से चमक गए। ऐसी ही कुछ कहानी बिल गेट्स की भी है। वैसे तो बिल गेट्स की कहानी को हमें किसी ऐसे प्रेरणादायक व्यक्ति के रूप में बताया जाता है, जिसने अपने सपने पूरे करने के लिए कॉलेज छोड़ दिया था। गेट्स की कहानी में भी एक ट्विस्ट यह है कि उनकी मां पहले से ही एक मजबूत स्थिति में थीं। उन्होंने ही IBM को माइक्रोसॉफ्ट ( microsoft corporation ) को काम पर रखने के लिए प्रभावित किया था, यानी माइक्रोसॉफ्ट ( story of microsoft ) को खड़ा करने में गेट्स की मां ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
इस हकीकत की पुष्टि भी न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में भी की जा चुकी है। इसमें बताया जा चुका है कि मैरी गेट्स के पास आईबीएम को अपने कॉलेज छोड़ने वाले बेटे की कंपनी में निवेश करने के लिए पर्याप्त रास्ते थे।
केवल ऐसा ही नहीं है कि सिर्फ 90 के दशक के लोगों को ही स्थापित करने में उनके अभिभावकों नेे साथ दिया हो। 2000 के पहले दशक में फेसबुक ( facebook inc ) बनाने वाले सेल्फ मेड अरबपति मार्क जुकरबर्ग का साथ भी भाग्य और कौशल से ज्यादा उनके अमीर माता-पिता ने दिया।
और मार्क जुकरबर्ग ने वास्तव में द न्यू यॉर्कर को वर्ष 2010 में दिए गए एक इंटरव्यू में फेसबुक ( story of facebook ) की स्थापना को लेकर इस बात की पुष्टि भी की थी। हालांकि उनकी अपनी कंपनियों के लिए पहले से ही जल्द की गई शुरुआत उनकी छोटी उपलब्धि नहीं है क्योंकि उन्हें सफल होने के लिए कौशल के साथ ही जोखिम उठाने की भी आवश्यकता होती है। हालांकि यह सवाल अभी भी मौजूद रहता है कि क्या हम इन्हें अपवाद स्वरूप भी Self Made के रूप में योग्य ठहरा सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो इसका मतलब हम वाकई इसके योग्य व्यक्तियों की उपलब्धियों को कम कर रहे हैं।