यूएन ने आगाह किया है कि यमन भयंकर अकाल के कगार पर खड़ा है।
यमन में साल 2015 से भीषण संघर्ष चल रहा है। इस दौरान तकरीबन 10,000 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र ने इसे दुनिया का सबसे बदतर मानवीय संकट तक करार दिया है। अब यूएन ने आगाह किया है कि यमन भयंकर अकाल के कगार पर खड़ा है। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के अवर महासचिव मार्क लोकॉक के अनुसार- यमन पर अब स्पष्ट रूप ये भयंकर अकाल का खतरा मंडरा रहा है।
यमन में हो रही भारी तबाही को देखते हुए उन्होंने ब्रिटिश की पहल पर आयोजित सुरक्षा परिषद की बैठक में वहां खाद्य सहायता सामग्री वितरण और बुनियादी जरूरतों से संबंधित सुविधाएं पहुंचाने के निर्णय के लिए मानवीय युद्धविराम की अपील की। संयुक्त राष्ट्र ने यहां तक कहा कि संघर्ष में शामिल सभी पक्ष अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन कर रहे हैं।
इतने लोग होंगे प्रभावित
बता दें, इससे पहले संयुक्त राष्ट्र ने अकाल में 1.1 करोड़ लोगों के प्रभावित होने की बात कही थी, लेकिन अब कहा है कि 1.4 करोड़ लोग इस भंयकर अकाल की चपेट में आ सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र ने सितंबर में भी इसे लेकर आगाह किया था। आपातकालीन राहत समन्वयक लोकॉक ने कहा कि वहां की स्थिति बेहद बदतर हो चुकी है।