
वाशिंगटन। बीते कई दिनों से अफगानिस्तान और तालिबान के साथ चल रही शांति वार्ता को अमरीका ने विराम लगा दिया है। रविवार सुबह अमरीकी राष्ट्रपति ने ट्वीट कर बड़ा ऐलान करते हुए कहा आखिर तालिबान अपनी सौदेबाजी के चक्कर में कब तक लोगों की जान लेते रहेगा। गौरतलब है कि तालिबान के प्रमुख नेता और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति रविवार को कैंप डेविड में उनसे अलग-अलग बैठक में मिलने वाले थे, जिसके लिए वे अमरीका पहुंचने वाले थे, लेकिन अब वह बैठक नहीं करेंगे।
दरअसल, इस बड़े फैसले से पीछे हटने का कारण हाल ही में आतंकी घटना को बताया जा रहा है। काबुल में एक हमले को अंजाम दिया गया था,जिसमें एक अमरीकी सैनिक के अलावा 11 अन्य नागरिकों की मौत हो गई। ऐसे में अमरीका ने इस बैठक को तुरंत रद्द करने के साथ ही शांति वार्ता भी बंद कर दी है।
अमरीकी राष्ट्रपति ने अपने ट्वीट में सवाल किया कि आखिर ये किस तरह के लोग हैं जो अपनी सौदेबाजी की स्थिति को मजबूत करने के लिए इतने सारे लोगों की जान ले रहे हैं? ट्रंप ने कहा कि तालिबान और अफगानिस्तान ने स्थिति को और खराब कर दिया है।
अमरीकी राष्ट्रपति ने ट्वीट कर कहा कि अगर तालिबान इस शांति वार्ता के दौरान संघर्ष विराम के लिए सहमत नहीं हैं और 12 निर्दोष लोगों को मार देते हैं,तो वे इस भरोसे के लायक नहीं कि एक सार्थक समझौते पर बातचीत कर सकें। ट्रंप ने तालिबानियों को चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि वो आखिर कितने और दशकों तक लड़ने के लिए तैयार हैं?
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