HIGHLIGHTS US President Election Result: राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप पद छोड़ने से पहले जो बिडेन के हाथ बांधने को लेकर कुछ विघटनकारी कदम उठा सकते हैं। कोरोना वायरस ( Coronavirus ) और अर्थव्यवस्था समेत अन्य तमाम मुद्दों को लेकर निशाने पर रहे चीन के खिलाफ भी ट्रंप कुछ कड़े फैसले ले सकते हैं।
वाशिंगटन। अमरीका में राष्ट्रपति चुनाव ( US President Election Result ) के नतीजे आ चुके हैं और डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बिडेन ने डोनाल्ड ट्रंप ( Donald Trump ) के लगातार दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के सपने को तोड़ते हुए एतिहासिक जीत दर्ज की है। करारी शिकस्त के बाद डोनाल्ड ट्रंप अपनी हार को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। लिहाजा वे अदालत का दरवाजा खटखटाने की बात कर रहे हैं।
चुनाव हारने के बाद से अब तक के ट्रंप के व्यवहार से ये नजर आ रहा है कि वे शिष्टाचारपूर्वक व्हाइट हाइस ( White House ) को नहीं छोड़ने वाले हैं। ऐसे में राजनीतिक विशेषज्ञों व पूर्व अधिकारियों को कई तरह की आशंका नजर आ रही है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप पद छोड़ने से पहले जो बिडेन के हाथ बांधने को लेकर कुछ विघटनकारी कदम उठा सकते हैं। इसमें सबसे बड़ा खतरा चीन के लिए नजर आ रहा है। चूंकि कोरोना वायरस ( Coronavirus ) व अन्य तमाम मुद्दों को लेकर ट्रंप चीन पर मुखर थे। ऐसे में अब ये संभावना है कि ट्रंप चीन के खिलाफ कुछ कड़े फैसले ले सकते हैं।
ट्रंप के निशाने पर हो सकता है चीन
मार्क मैग्नियर ने साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट में एक लेख लिखा है, जिसमें उन्होंने विशेषज्ञों के हवाले से कहा है कि पद छोड़ने से पहले ट्रंप के निशाने पर चीन हो सकता है। चूंकि ट्रंप बीत कुछ समयच में चीन को लेकर काफी आक्रामक रहे हैं।
मैग्नियर आगे लिखते हैं कि अमरीका-चीन के संबंध ( America China Relation ) पहले से ही कमजोर हो चुका है और अब इसे और अधिक खराब करने की दिशा में कुछ कदम उठा सकेते हैं। साथ ही बिडेन प्रशासन की ओर से वैश्विक पर्यावरण और स्वास्थ्य मुद्दों पर द्विपक्षीय सहयोग में सुधार करने की दिशा में बढ़ाए जाने वाले कदम को कमजोर करने को लेकर भी कुछ फैसले लिए जा सकते हैं।
चाइना मून स्ट्रैटेजीज के प्रमुख और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के पूर्व अधिकारी जेफ मून ने भी कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना महामारी को लेकर चीन को जिम्मेदार ठहराते हुए वादा किया है कि बीजिंग को कड़ा दंड़ देंगे। अब ऐसे में इसका मतलब साफ समझा जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप सरकार ने झिंजियांग में उइगुर मुस्लिमों पर बड़े पैमाने पर हो रहे अत्याचार को लेकर चीन के खिलाफ पहले ही कदम उठा चुकी है। लेकिन अब इससे आगे बढ़ते हुए चीन कम्युनिस्ट पार्टी के अधिकारियों का वीजा ब्लॉक किया जा सकता है। इतना ही नहीं, 2022 में बीजिंग में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक में भाग लेने जाने वाले अमरीकी एथलिटों को रोकने के लिए आदेश पारित किए जा सकते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप पद छोड़ने से पहले चीनी सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियों पर भी प्रतिबंध की घोषणा कर सकते हैं। बहरहाल, ये देखना दिलचस्प होगा कि आखिर ट्रंप पद छोड़ने से पहले क्या फैसला लेते हैं और बिडेन प्रशासन उसपर किस तरह से कार्य करती है।