आज पुतिन से होगी अहम मुलाकात, एक साक्षात्कार में 12 रूसी खुफिया अधिकारियों के प्रत्यर्पण पर बोले ट्रंप
वाशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के साथ आज होने वाले अहम शिखर सम्मेलन से कुछ खास उम्मीदें नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन से कुछ भी बुरा नहीं होने वाला है और हो सकता है कि कुछ अच्छा निकल आए। राष्ट्रपति ट्रंप ने एक साक्षात्कार में कहा कि उन्होंने 2016 के अमरीकी चुनाव में डेमोक्रैटिक पार्टी के ईमेल हैक किए जाने के मामले में पिछले सप्ताह आरोपी साबित 12 रूसी खुफिया अधिकारियों के प्रत्यर्पण के बारे में पुतिन से कहने के बारे में नहीं सोचा है। साक्षात्कार के दौरान जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह इस बारे में बात करेंगे। बता दें कि अमरीका की रूस के साथ कोई प्रत्यर्पण संधि नहीं है और इस वजह से वह इन लोगों को सौंपने के लिए मॉस्को पर दबाव नहीं बना सकता है।
अमरीका-रूस में जारी है तनाव
व्लादिमीर पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप उस समय मिल रहे हैं जब अमरीका और रूस के रिश्ते बेहद खराब स्थिति से गुजर रहे हैं। पिछले कुछ महीनों से ट्रंप और पुतिन के बीच जमकर बयानबाजी हुई है। कुछ महीने पहले रूसी राजनायिकों को अमरीका से निकालने और सीरिया में अमरीकी सैनिकों के मिसाइल हमले के दोनों देशों के रिश्ते बेहद तल्ख हो गए थे। हाल में ही जारी एक ओपिनियन पोल में यह बात भी सामने आई है कि अमरीका रूस का सबसे बड़ा दुश्मन है। ओपिनियन पोल के मुताबिक यूक्रेन, लातविया, लुथानिया और जर्मनी भी रूस के दुश्मन हैं।
वार्ता रद्द होने की अटकलें थीं
इससे पहले अटकले थी कि अमरीका द्वारा रूस के 12 खुफिया अधिकारियों पर आरोप लगाए जाने की वजह से यह वार्ता रद्द हो सकती है। इस दौरान क्रेमलिन के सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा,"हम ट्रंप को एक वार्ताकार साझेदार के तौर पर देख रहे हैं। हालांकि, द्विपक्षीय संबंध बुरे दौर में हैं लेकिन हमें इन्हें दुरुस्त करने के लिए शुरुआत तो करनी पड़ेगी।"