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चीन में अल्पसंख्यकों का हो रहा है दमन, मुस्लिमों को नहीं कोई आजादी: अमरीका

चीन में ईसाइयों, तिब्बतियों का बुरी तरह दमन किया जाता है और मुसलमानों को वहां किसी भी तरह के आजादी हासिल नहीं है
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Updated: 11 Nov 2018, 9:08 AM IST
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चीन में अल्पसंख्यकों का हो रहा है दमन, मुस्लिमों को नहीं कोई आजादी: अमरीका

न्यूयार्क। अमरीका ने चीन पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि वहां अल्पसंख्यकों का दमन किया जाता है। अमरीका का कहना है कि चीन में ईसाइयों, तिब्बतियों का बुरी तरह दमन किया जाता है और मुसलमानों को वहां किसी भी तरह के आजादी हासिल नहीं है। अमरीका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और उनके चीनी समकक्ष वांग वाई के बीच हुई बातचीत के दौरान यह मुद्दा उठा था। हालांकि चीन ने अमरीका के इस बात से इनकार किया है और कहा है कि चीन में मानवाधिकारों का पूरा ध्यान रखा जाता है।

चीन में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार

अमरीकी विदेश मंत्री का दावा है चीन में अल्पसंख्यकों के हालत बेहद खराब है। माइक पोम्पियों ने चीन से कहा कि उसे अल्पसंख्यकों के अधिकारों का ध्यान देना चाहिए। उन्होंने चीन से मुसलमानों के हालत पर ध्यान देने के अपील की। चीनी विदेश मंत्री से वार्ता के दौरान माइक पोम्पियो ने कहा कि चीन में ईसाई, तिब्बती और मुसलमानों सहित अन्य दह्र्मों को मैंने वालों के पास कोई अधिकार नहीं है। वार्ता के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान माइक पोम्पियो ने कहा, 'दुनियाभर के लोग हमारी इस चिंता का समर्थन कर रहे हैं कि चीन में ईसाइयों, बौद्धों और लाखों मुसलमानों को स्वतंत्रता नहीं है।' पोमियो ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा, 'हमने इस विषय पर बात की है कि चीन अपने देश के लोगों को सम्मान दे, जब धार्मिक रूप से अल्पसंख्यकों की बात आए तो चीन इस मामले में भी ध्यान दे।'

चीन का आरोपों से इंकार

चीन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमरीका उसके आंतरिक मामलों में दखल न दे। चीन के विदेश मंत्री ने अमरीका के आरोपों से इनकार किया है। चीनी विदेश मंत्री ने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि अमरीका को तथ्यों का सम्मान करना चाहिए और चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'चीन मानवाधिकारों का सम्मान करता है। राष्ट्रपति शी जिनफिंग हमेशा मानवाधिकारों के लेकर सजग रहते हैं।' उन्होंने कहा कि चीन के लोग धर्म को मानने या न मानने के लिए स्वतंत्र हैं। चाहे किसी भी धर्म के लोग हो, वे सभी चीन के नागरिक हैं। यांग ने कहा, 'हमारे यहां मानवाधिकारों का पूरा सम्मान होता है और सुरक्षा की जाती है।'

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11 Nov 2018, 9:08 AM IST
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