
डीआर कांगो में इबोला का कहर (Photo - @DrTedros)
कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य/डीआर कांगो (Democratic Republic Of Congo / DR Congo) में इबोला (Ebola) वायरस का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। देश में इबोला के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार डीआर कांगो में इबोला के 8,300 मामलों की पुष्टि हो गई है। बढ़ते मामलों के साथ मृतकों का आंकड़ा भी बढ़ रहा है।
डीआर कांगो में इबोला की वजह से मृतकों की संख्या 4,000 पार पहुंच गई है। आज जारी हुए ताज़ा सरकारी आंकड़ों के अनुसार डीआर कांगो में इबोला की वजह से अब तक 4,018 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। देश में इस बीमारी की वजह से मृत्यु दर 48.4% है। सरकार और स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अभी मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
डीआर कांगो में इबोला वायरस का जो स्ट्रेन फैल रहा है, उसका नाम बंडीबुग्यो स्ट्रेन है और यही परेशानी की असल वजह है। एक्सपर्ट्स के अनुसार इस स्ट्रेन के लिए अब तक कोई वैक्सीन या विशिष्ट इलाज विकसित नहीं किया जा सका है, जो गंभीर चिंता का विषय है। बिना किसी वैक्सीन या विशिष्ट इलाज के बीच इस बीमारी के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं और साथ ही इसकी वजह से मरने वालों की संख्या भी।
डीआर कांगो में इबोला का संक्रमण परेशानी की वजह बना हुआ है, लेकिन इस बीमारी से लोग ठीक भी हुए हैं। ताज़ा जारी किए गए सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक इबोला से पीड़ित हुए 2,162 मरीज ठीक हो चुके हैं।
डीआर कांगो में इबोला से निपटने में कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का कमजोर होना, पोस्टमार्टम टेस्टिंग को लेकर समुदाय का विरोध, स्टैंडर्ड इबोला ट्रीटमेंट सेंटर्स में क्षमता की कमी, संक्रमण से बचाव और नियंत्रण के सामान की कमी और फंड की कमी। लैबोरेटरी की क्षमता पर दबाव के कारण काफी परेशानी आ रही है। इसी वजह से कई टेस्ट के नतीजे अभी भी पेंडिंग हैं।
ईबोला संक्रमण की शुरुआत में तेज़ बुखार, थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश और कमजोरी होती है। बाद में उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चकत्ते, आँखों का लाल होना, किडनी में परेशानी आना और मुंह, नाक, आंखों से खून आने जैसे लक्षण भी दिखने लगते हैं।
Updated on:
02 Oct 2026 04:31 pm
Published on:
02 Oct 2026 04:22 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
