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EU ने डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिकी डीजल निर्यात प्रतिबंध की धमकी को किया खारिज

यूरोपीय यूनियन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक धमकी को खारिज कर दिया है। क्या है यह मामला? आइए नज़र डालते हैं।
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भारत

•

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Tanay Mishra

•

Oct 02, 2026

Donald Trump

डोनाल्ड ट्रंप (Photo - Washington Post)

यूरोपीय यूनियन (European Union - EU) ने आज, शुक्रवार, 2 अक्टूबर को अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की उस धमकी को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें यूरोप अगर अपने डीज़ल भंडार नहीं जारी करता तो अमेरिका डीज़ल निर्यात पर प्रतिबंध लगा सकता है। यूरोपीय आयोग की प्रवक्ता अन्ना-कैसा इटकोनेन (Anna-Kaisa Itkonen) ने इस बारे में बात करते हुए कहा, “हम किसी भी डीज़ल प्रतिबंध को पूरी तरह अस्वीकार करते हैं। ऐसा प्रतिबंध किसी के लिए फायदेमंद नहीं होगा। इससे अमेरिका पर विश्वसनीय साझेदार के रूप में हमारा भरोसा कमजोर होगा।”

क्या है मामला?

ईरान-अमेरिका युद्ध (Iran-US War) की वजह से डीज़ल की कीमतों में बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। इसका असर अमेरिका पर भी पड़ा है और देश में डीज़ल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं, जिसका असर अमेरिकियों की जेब पर पड़ रहा है। इस वजह से नवंबर में अमेरिका में होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में गुरुवार को ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ युद्ध के कारण बढ़ रही डीज़ल की कीमतों को काबू में करने के लिए अमेरिका यूरोपीय देशों से डीज़ल रिज़र्व जारी करने को कह सकता है और अगर ऐसा नहीं हुआ, तो अमेरिका निर्यात प्रतिबंध लगा सकता है। इससे पहले अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) ने भी यूरोपीय देशों से डीज़ल भंडार जारी करने के लिए कहा था। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रंप चाहते हैं कि यूरोपीय देश अगले 6 महीनों में करीब 12 करोड़ बैरल डीज़ल जारी करें।

डीज़ल के लिए अमेरिका पर निर्भर है यूरोपीय यूनियन

यूरोपीय यूनियन डीज़ल आयात के लिए अमेरिका पर काफी निर्भर है। अगस्त में अमेरिका ने यूरोपीय यूनियन के डीज़ल आयात का लगभग आधे हिस्से की सप्लाई की थी। ईरान-अमेरिका युद्ध की वजह से यूरोप में भी डीज़ल की औसत कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है, जिससे कई सेक्टर्स पर दबाव बढ़ रहा है। अगर अमेरिका ने डीज़ल निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया, तो यूरोपीय देशों में डीज़ल की कमी से इसकी कीमत और बढ़ सकती है। एक समय था जब यूरोपीय यूनियन के देश रूस से बड़ी मात्रा में डीज़ल आयात करता था, लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) के बाद 2023 में यूरोपीय यूनियन ने रूस से डीज़ल आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था। ऐसे में अब यूरोप डीज़ल के लिए अमेरिका पर निर्भर है।