भारत सरकार ने इस CAB के जरिए मुस्लिमों को दूसरे दर्जे का नागरिक बनाने की कोशिश की: कार्सन कार्सन ने इससे पहले जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 के भी हटने पर भी विरोध जताया था
वाशिंगटन।नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 (India's Citizenship Amendment Bill 2019) संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) से पास हो गया। लेकिन असम समेत देश के कई हिस्सों में लगातार इसका विरोध जारी है।
इन सबके बीच अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर CAB का मामला गूंजने लगा है। पहले पाकिस्तान ने बुधवार को अपनी संसद नेशनल असेंबली में CAB के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया वहीं अब अमरीका में भी इसकी गूंज सुनाई देने लगी है।
अमरीका के मुस्लिम सांसद आंद्रे कार्सन (Andre Carson) ने नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर कहा है कि भारत सरकार ने इस कानून के जरिए मुस्लिमों को दूसरे दर्जे का नागरिक बनाने की कोशिश की है। इतना ही नहीं कार्सन ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने पर भी चिंता जाहिर की है।
अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों के खिलाफ है CAB: कार्सन
कार्सन ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भारत सरकार ने पहले 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाया और फिर अब नागरिकता संशोधन विधेयक को भी संसद से पारित करा लिया है।
उन्होंने कहा कि CAB का पास होना एक खतरनाक कदम है। कार्सन ने कहा कि संसद से CAB अतंर्राष्ट्रीय मानदंडों के खिलाफ है जो लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को नजरअंदाज करता है।
कार्सन ने कि मोदी सरकार ने अपनी संवैधानिकता की समृद्ध परंपरा को कम करके आंका है। अब सरकार के इस फैसले से भारत के भविष्य पर सवाल खड़े होने लगे हैं। उन्होंने कहा CAB का लागू होना मोदी सरकार का एक और घातक कदम है।
आपको बता दें कि नागरिकता संशोधन बिल में भारत के तीन पड़ोसी देश अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए गैर मुस्लिम शरणार्थियों जिसमें हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोग शामिल हैं, को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है।
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