
वॉशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( Donald Trump ) के लिए बेहद बुरी खबर आ रही है। दरअसल, ट्रंप के खिलाफ निचले सदन (हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव) महाभियोग ( Trump impeachment ) प्रस्ताव पास हो गया है। निचले सदन में बुधवार को ऐतिहासिक वोटिंग हुई। इस दौरान अमरीकी राष्ट्रपति पर सत्ता के दुरुपयोग के आरोप में यह महाभियोग प्रस्ताव पास हुआ। अब ट्रंप को सत्ता से हटाने के लिए उच्च सदन में यह प्रक्रिया चलाई जाएगी।
प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ साजिश रचने का आरोप
बुधवार को वोटिंग के दौरान महाभियोग के पक्ष में 230 और विरोध में 197 वोट पड़े। अब ट्रंप देश के तीसरे ऐसे राष्ट्रपति बन चुके हैं, जिन पर महाभियोग होगा। आपको बता दें कि ट्रंप पर 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में संभावित प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन समेत अपने अन्य घरेलू प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ साजिश रचने का आरोप है। ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने प्रतिद्वंद्वियों की छवि खराब करने के लिए यूक्रेन से गैरकानूनी मदद की मांग की थी। इसका खुलासा चार महीने पहले एक व्हिसलब्लोअर ने की थी।
तो ऐसे बच जाएंगे ट्रंप?
हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में महाभियोग को लेकर डेमोक्रेट्स ने कहा कि ट्रंप के रिकॉर्ड पर ये महाभियोग की प्रक्रिया एक कभी न मिटने वाला धब्बा है। वहीं, वोटिंग से पहले एक डेमोक्रेट सांसद ने कहा, 'यहां आइडिया ऑफ अमरीका ही खतरे में है।' हालांकि, इस प्रक्रिया के अगले चरण में उच्च सदन में वोटिंग होनी है और वहां उनकी पार्टी रिपब्लिकन बहुमत में है। ऐसे में पूरी संभावना है कि सीनेट में महाभियोग प्रस्ताव खारिज हो सकती है। अगर ट्रंप के खिलाफ प्रस्ताव होना है तो कम से कम 20 रिपब्लिकन को अपने ही पार्टी के खिलाफ वोटिंग करनी होगी।
ट्रंप से पहले दो अन्य पर चलाया गया है महाभियोग
डोनाल्ड ट्रंप से पहले देश के दो अन्य राष्ट्रपतियों के खिलाफ महाभियोग की चलाया गया है। ट्रंप से पहले 1868 में ऐंड्यू जॉनसन और 1998 में बिल क्लिंटन के खिलाफ यह प्रक्रिया शुरू हुई थी। हालांकि, दोनों ही नेता अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहे। वहीं, एक अन्य राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने महाभियोग चलाए जाने से पहले ही इस्तीफा दे दिया था।