HIGHLIGHTS वुहान के लैब में कोरोना वायरस ( Coronavirus ) के पैदा होने को लेकर चीन पर लग रहे आरोपों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की मंशा पर भी कई बार सवाल खड़े किए जा चुके हैं और अब एक बार फिर से WHO ने चीन की तरफदारी करते हुए बचाव किया है। WHO चीफ टेड्रोस ऐडनम से एक भारतीय पत्रकार ने पूछा कि क्या कोरोना वायरस चीन से आया है, इस पर उन्होंने चीन का बचाव करते हुए कहा यह प्राकृतिक वायरस है।
वॉशिंगटन। कोरोना वायरस महामारी ( Coronavirus Epidemic ) से पूरी दुनिया जूझ रही है और अब तक इस वायरसे से करीब 10 लाख लोगों की जान जा चुकी है, वहीं 3.20 करोड़ से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं। अब से करीब 9 महीने पहले चीन के वुहान शहर से यह वायरस फैलना शुरू हुआ था, जिसको लेकर चीन पर कई तरह के गंभीर आरोप भी लगे हैं।
हालांकि चीन ने हर बार इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। वुहान के लैब में कोरोना वायरस के पैदा होने को लेकर चीन पर लग रहे आरोपों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की मंशा पर भी कई बार सवाल खड़े किए जा चुके हैं और अब एक बार फिर से WHO ने चीन की तरफदारी करते हुए बचाव किया है।
दरअसल, एक भारतीय पत्रकार ने WHO चीफ टेड्रोस ऐडनम से पूछा कि क्या कोरोना वायरस चीन से आया है, इस पर उन्होंने चीन का बचाव करते हुए कहा यह प्राकृतिक वायरस है।
‘Covid-19 प्राकृतिक वायरस है'
आपको बता दें कि शुक्रवार को एक कार्यक्र में WHO चीफ मीडिया से बात कर रहे थे। इसी दौरान एक भारतीय पत्रकार ने पूछा कि ऐसे दावे किए जा रहे हैं कि कोरोना वायरस चीन के वुहान स्थित वायरोलॉजी लैब में बनाया गया है। इसपर टेड्रोस ने कहा 'WHO विज्ञान और सबूतों में विश्वास करता है। अब तक हमने जितने प्रकाशन देखे हैं उनमें कहा गया है कि वायरस प्राकृतिक रूप से आया है।
टेड्रोस ने आगे कहा 'अगर कोई चीज इसे बदलने वाली है तो वह साइंटिफिक प्रक्रिया के जरिए आएगी। लेकिन यदि कोई कुछ भी कहता है तो हम उसपर कुछ भी नहीं कह सकते हैं। हम सिर्रफ उनसे एक ही बात कहेंगे कि साइंटिफिक प्रक्रिया का पालन करें।'
चीन के वुहान लैब में कोरोना वायरस बनने का दावा
आपको बता दें कि चीन से जान बचाकर भागी चीनी वैज्ञानिक ली-वेंग यान ने दावा किया है कि कोरोना वायरस चीन की लैब में ही पैदा किया गया है और वहीं से यह फैलना शुरू हुआ है। वह अभी अमरीका में शरण लेकर रह रही हैं।
डॉ. यान ने अपने दावे के समर्थन में कई सबूत भी पेश किए हैं, हालांकि कुछ वैज्ञानिकों ने इस दावे को खारिज किया है। डॉ. यान ने कहा था कि वुहान के मीट मार्केट को पर्दे के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है और वायरस प्राकृतिक नहीं है। उन्होंने कहा था कि वायरस का जीनोम सीक्वेंस इंसानी फिंगर प्रिंट जैसा है। इससे इसकी पहचान की जा सकती है।
आपको बता दें कि इससे पहले अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी चीन पर कोरोना वायरस को लेकर कई बार आरोप लगा चुके हैं। चीन के साथ WHO की मिलीभगत को लेकर भी ट्रंप ने कई आरोप लगाए थे।