विदेश मंत्री सुषमा स्वराज 29 सितंबर को यूएनजीए के वार्षिक उच्चस्तरीय सत्र को संबोधित करेंगी।
अमरीका में अगले महीने संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) का सालाना सत्र होगा। इससे हटकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उनके नए पाकिस्तानी समकक्ष विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी में मुलाकात की संभावनाएं जताई जा रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि इमरान खान की ओर से 18 अगस्त को पाकिस्तान के पीएम पद ग्रहण करने के बाद यह दोनों देशों के बीच पहली मंत्रिस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता हो सकती है। पाकिस्तान के एक प्रमुख मीडिया हाउस ने भी अमेरिका के एक सीनियर पाकिस्तानी राजनयिक के हवाले से अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि ‘ऐसी मुलाकात संभावित है लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।’
आधिकारिेेक घोषणा नहीं
बता दें, विदेश मंत्रालय की ओर से सुषमा और कुरैशी के बीच इस तरह की किसी मुलाकात के बारे में कोई ऐलान नहीं किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इमरान खान को पत्र लिखकर दोनों देशों के बीच अच्छे पड़ोसियों वाले संबंध बनाने के भारत के संकल्प को जरूर प्रकट किया था। पीएम मोदी ने जुलाई में खान से फोन पर बात की थी और साथ ही असेंबली इलेक्शन में उनकी पार्टी की जीत पर उन्हें बधाई दी थी। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों में नया अध्याय शुरू करने की दिशा में काम करेंगे। हालांकि उनके ऐसा करने से मीडिया में विवाद भी छिड़ा था।
सुयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक सत्र के लिए वक्ताओं की सूचि जारी कर दी गई है। इसके अनुसार- विदेश मंत्री सुषमा स्वराज 29 सितंबर को यूएनजीए के वार्षिक उच्चस्तरीय सत्र को संबोधित करेंगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार- पाकिस्तान यूएनजीए सत्र के लिए अपने एजेंडे को सार्वजनिक नहीं कर रहा है। वह अभी तक यह भी तय नहीं कर पाया है कि यूएनजीए में उसका प्रतिनिधि कौन होगा। एक मीडिया रिपोर्ट में इस तरह की अटकलें भी लगाई गई हैं कि सरकारी खर्च को कम करने के प्रयासों के तहत इमरान खान इस बार यूएनजीए की बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे। हालांकि पाकिस्तान के कई राजनयिकों और राजनीतिक विश्लेषकों ने उनसे इस फैसले पर दोबारा विचार करने का अनुरोध किया है।