HIGHLIGHTS हर साल 8 सितंबर को वर्ल्ड फिजिकल थेरेपी डे यानी विश्व भौतिक चिकित्सा दिवस ( World Physical Therapy Day 2020 ) मनाया जाता है। फिजिकल थेरेपी ( Physical Therapy ) चिकित्सा विज्ञान में एक ऐसा उपाय है, जो लोगों के स्वास्थ्य लाभ में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
नई दिल्ली। स्वास्थ्य सबसे बड़ा धन होता है। लेकिन आज के इस भागमभाग जिन्दगी में स्वास्थ्य को लेकर तमाम तरह की समस्याएं लोगों में देखने और सुनने को मिल रही है। हालांकि चिकित्सा विज्ञान ने भी समय के साथ काफी प्रगति की है और लोगों के मानसिक स्वास्थ्य से लेकर शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर तरीके से कैसे ठीक किया जाए उस दिशा में कारगर उपाय किए हैं।
चिकित्सा विज्ञान में ऐसा ही एक उपाय है फिजिकल थेरेपी ( Physical Therapy ), जो लोगों के स्वास्थ्य लाभ में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यही कारण है कि हर साल 8 सितंबर को वर्ल्ड फिजिकल थेरेपी डे यानी विश्व भौतिक चिकित्सा दिवस ( World Physical Therapy Day 2020 ) मनाया जाता है।
बता दें कि मौजूदा समय में पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है और इस कोरोना संकट के समय फिजिकल थेरेपी बहुत ही कारगर साबित हो रहा है। पूरी दुनिया में फिजियोथेरेपिस्टों ( Physiotherapists ) की काफी सराहना की जा रही है। तो इस विशेष अवसर पर आइए जानते हैं कि फिजिकल थेरेपी क्या है? वर्ल्ड फिजिकल थेरेपी थे का क्या महत्व और इतिहास है? इसके अलावा इस साल वर्ल्ड फिजिकल थेरेपी डे का क्या थीम है?
क्या है फिजिकल थेरेपी?
फिजिकल थेरेपी या फिजियो थेरेपी चिकित्सा जगत की एक महत्वपूर्ण चिकित्सा प्रणाली है। इस प्रणाली में सामान्य तौर पर कहीं पर चोट लगने से हड्डियों व टिश्यू यानी उत्तकों में दर्द को कम किया जाता है। किसी बीमारी या फिर चोट लगने के कारण होने वाली शारीरिक समस्याओं में सुधार लाने के लिए किया जाने वाली प्रक्रिया है।
फिजियो थेरेपी की प्रक्रिया में मरीज की गतिशीलता और कार्य को अधिक बेहतर बनाने में मदद मिलती है। इसमें शरीर के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तरह से थेरेपी दी जाती है, जिससे शरीर की फिटनेस बढ़ाने में मदद मिलती है।
वर्ल्ड फिजिकल थेरेपी डे का महत्व
वर्ल्ड फिजिकल थेरेपी डे का उद्देश्य दुनियाभर में फिजिकल थेरेपी के बारे में लोगों को जागरूक करना है। चिकित्सा क्षेत्र के इस बेहतरीन पद्धति के बारे में लोगों को बताना है। इसके अलावा दुनियाभर के फिजियो थेरेपिस्टों की ओर से किए गए प्रयास और समाज में उनके योगदान को आज के दिन सराहना की जाती है।
आज के दिन दुनियाभर में कई तरह के सेमिनार और कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को इसके बारे में बताया जाता है, जिससे कि मरीजों के जीवन को बदलने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका है। फिजियो थेरेपिस्ट किसी तरह की चोट व शारीरिक अक्षमता में सुधार लाने में लोगों की मदद करते हैं। इसके अलावा तीव्र दर्द, चोट और पुरानी बीमारी से निजात दिलाकर शारीरिक गतिविधि में सुधार लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वर्ल्ड फिजिकल थेरेपी डे की थीम
आपको बता दें मौजूदा समय में पूरी दुनिया कोरोना महामारी के संकट से जूझ रही है। ऐसे में इस बार वर्ल्ड फिजिकल थेरेपी डे 2020 का थीम 'पुनर्वास और कोविड-19’ ( Rehabilitation and COVID-19 ) रखा गया है।
वर्ल्ड फिजिकल थेरेपी डे का इतिहास
मालूम हो कि 25 साल पहले 1996 में 8 सितंबर को वर्ल्ड कॉन्फेडरेशन ऑफ फिजिकल थेरेपी को वर्ल्ड फिजिकल थेरेपी डे के रूप में नामित किया गया था। इस तारीख को 1951 में WCPT द्वारा स्थापित किया गया था।