
व्हाट्सऐप (WhatsApp) की नई गोपनीयता नीति का भारत में विरोध जताए जाने के बीच Facebook के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने इसका समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि इस अपडेट में अपने परिवार या दोस्तों के साथ किसी के भी मैसेज की प्राइवेसी को नहीं छेड़ा जाएगा। व्हाट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी पर 15 मई तक रोक लगा दी गई है, जिसका मकसद अपनी पेरेंट कंपनी Facebook के साथ कमर्शियल यूजर्स के डेटा को साझा करना था। बता दें कि भारत सरकार ने भी इस नीति को वापस लेने के लिए व्हाट्सऐप के सीईओ विल कैथार्क को पत्र लिखा था।
सारे मैसेजेस एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड
बुधवार को विश्लेषकों के साथ एक तिमाही अर्निग्स कॉल में जुकरबर्ग ने कहा कि कंपनी ने डेट को थोड़ा पीछे कर लिया है ताकि लोग इस अपडेट के बारे में पूरी तरह से समझ सकें। जुकरबर्ग ने कहा कि ये सारे मैसेजेस एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होते हैं यानि कि आप क्या कहते हैं, उसे न ही हम देख सकते हैं और न ही सुन सकते हैं और न ही हम कभी ऐसा कर पाएंगे और ऐसा तब तक होगा जब तक कि आपने जिस इंसान को मैसेज भेजा है, उसने खुद न शेयर करना चाहा हो और अगर कोई बिजनेस ऐसा करना चाहता है तो ऐसे मैसेजेस को केवल हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा ही होस्ट किया जाएगा।
प्राइवेसी पॉलिसी को अपडेट करने की प्रक्रिया जारी
व्हाट्सएप बिजनेस अकाउंट पर हर दिन 17.5 करोड़ से अधिक लोग मैसेज करते हैं। जुकरबर्ग ने आगे कहा कि हम ऐसे बिजनेस टूल्स का विकास कर रहे हैं, जिसमें हमारे सुरक्षित होस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग कर बिजनेस स्टोर अपने व्हाट्सएप चैट को मैनेज कर पाएंगे और ऐसा उनकी मर्जी से ही होगा और इन वैकल्पिक अनुभवों को प्रदर्शित करने के लिए सेवा के मद्देनजर व्हाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी को अपडेट करने की हमारी प्रक्रिया जारी है।
82 फीसदी भारतीय व्हाट्सऐप छोड़ने को तैयार
हाल ही एक रिपोर्ट आई थी, जिसमें बताया गया था कि व्हाट्सएप की नइ प्राइवेसी नीति से नाराज करीब 82 फीसदी भारतीय व्हाट्सऐप छोड़ने को तैयार हैं। उन्हें अब इस मैसेजिंग ऐप पर भरोसा नहीं रहा। साथ ही रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि 6 जनवरी के बाद से व्हाट्सऐप की डाउनलोडिंग में भी कमी आई है। अब लोग इसे छोड़कर टेलीग्राम या सिग्नल ऐप को चुन रहे हैं।