Gold Smuggling Moradabad: दुबई से लौटे चार तस्करों के पेट से कुल 29 सोने के कैप्सूल बरामद किए गए, जिनका वजन एक किलो 100 ग्राम से अधिक है।
Gold Smuggling Moradabad: दुबई से लौटे चार तस्करों के पेट से कुल 29 सोने के कैप्सूल बरामद किए गए हैं। इनका कुल वजन एक किलो 100 ग्राम से अधिक बताया जा रहा है। पुलिस ने चारों तस्करों को जेल भेज दिया है, जबकि सोना तस्करी के इस मामले में एक डॉक्टर और दो फाइनेंसर हिरासत में हैं। वहीं, अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
पुलिस के अनुसार, बुधवार को चौथे तस्कर मुत्तलीब के पेट से एक और कैप्सूल निकाला गया। इससे पहले सोमवार को चारों तस्करों के पेट से 27 कैप्सूल निकाले गए थे। मुत्तलीब के पेट में दो कैप्सूल और पाए गए थे, जिन्हें मंगलवार और बुधवार को ऑपरेशन के जरिए निकाला गया।
बुधवार शाम आरोपी मुत्तलीब को कोर्ट में पेश किया गया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। इससे पहले तीन तस्करों और एक फाइनेंसर जाहिद मेंबर को भी कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने डॉक्टर और दो अन्य फाइनेंसरों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
यह मामला तब सामने आया जब दुबई से लौटे शाने आलम, मुत्तलीब, अजहरुद्दीन और कार चालक जुल्फेकार दिल्ली एयरपोर्ट से टांडा लौट रहे थे। कार में सवार मो. नावेद और जाहिद भी सऊदी अरब से लौटे थे। सभी को मुरादाबाद में बदमाशों ने अगवा कर लिया था। बाद में पुलिस ने कार्रवाई कर सभी को छुड़वा लिया।
सूत्रों के मुताबिक, टांडा क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से सोने की तस्करी का गोरखधंधा चल रहा है। पहले गुटखे के बदले तस्करी होती थी, अब संगठित गिरोह सक्रिय हो चुके हैं। पुलिस की नजर अब टांडा के ऐसे गिरोहों पर है। दो आरोपियों को निर्दोष पाए जाने पर छोड़ भी दिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
सोने की तस्करी में टांडा के युवकों के संलिप्त होने के बाद पुलिस और खुफिया विभाग सतर्क हो गया है। एसपी विद्या सागर मिश्र ने बताया कि जिले के उन सभी लोगों के पासपोर्ट का सत्यापन किया जाएगा, जिन्होंने खाड़ी देशों की यात्रा की है। टांडा क्षेत्र के लगभग 20 लोग जांच के रडार पर हैं।
इसके लिए एलआईयू प्रभारी दीपक शर्मा, सीओ टांडा कीर्ति निधि आनंद, थाना प्रभारी प्रदीप कुमार और एसएसआई सतराज सिंह की टीम बनाई गई है। इन लोगों की यात्रा और अन्य गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस ने इमिग्रेशन डिपार्टमेंट से आरोपियों की यात्रा संबंधी जानकारी मांगी है। इसके साथ ही पूरी रिपोर्ट कस्टम विभाग को भेजी जा रही है। एलआईयू ने आरोपियों के वीजा की जांच भी शुरू कर दी है, क्योंकि पूछताछ में सामने आया है कि उन्होंने कई बार विदेश यात्रा की है।