आतिशबाजी के कारण माना जा रहा है क्यूंकि पटाखों से निकलने वाले धुंए और शोर से हवा में मानव शरीर को खतरनाक रसायन मिल गए।
मुरादाबाद: दिवाली का पर्व तो हंसी ख़ुशी सम्पन्न हो गया,लेकिन दिवाली की अगली सुबह यानि गुरूवार को महानगर में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। सुबह से धुंध और कोहरे के चलते लोगों को सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। ये सब आतिशबाजी के कारण माना जा रहा है क्यूंकि पटाखों से निकलने वाले धुंए और शोर से हवा में मानव शरीर को खतरनाक रसायन मिल गए। शहर में वायु प्रदूषण बीते 24 घंटे में चार से पांच गुना बढ़ गया।
ये रहा प्रदूषण का स्तर
नेशनल एयर मोनीटरिंग प्रोग्राम के तहत हिन्दू कॉलेज में बोटनी डिपार्टमेंट में पोलुशन इकोलोजी रिसर्च लैब है। जिसमें शहर के अलग अलग इलाकों का हवा का डाटा रिकॉर्ड किया जाता है। सबसे ज्यादा प्रदूषित हवा बुधबाजार इलाके की थी यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स 401 व् सिविल लाइन में 311 रिकॉर्ड किया गया। वहीँ हवा में पीएम का स्तर भी मानक से कई गुना बढ़ा हुआ मिला,बुधबाजार में 681 व् सिविल लाइन में 592 रिकॉर्ड हुआ। अस्सिटेंट साइंटिस्ट अतुल कुमार के मुताबिक ये सभी रिकॉर्ड 7 नवम्बर सुबह 6 बजे से 8 नवम्बर सुबह 6 बजे तक के हैं। जिसमें प्रदूषण का स्तर चार से पांच गुना बढ़ा हुआ है।
ये है वजह
वहीँ हिन्दू कॉलेज में वनस्पति विज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर और इस प्रोग्राम की कोऑर्डिनेटर डॉ अनामिका त्रिपाठी के मुताबिक पिछले कई वर्षों से दिवाली और उसके आसपास प्रदूषण बढ़ रहा है। इसके पीछे सीधे पटाखे जिम्मेदार हैं। क्यूंकि इस आतिशबाजी में अलग अलग रंग फैलाने के लिए जिन रसायनों का प्रयोग होता है, वे सभी हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। मुरादाबाद वैसे भी बेहद संवेदनशील शहर में शामिल है।
ये शहर भी शामिल
दिल्ली और एनसीआर के हालात भी ऐसे रहे। दिल्ली का एक्यूआई 329 रिकॉर्ड किया गया।गाजियाबाद 355, नोएडा 360, आगरा 308 और वाराणसी का एक्यूआई 340 रिकॉर्ड किया गया।