एक सप्ताह में जब से लाइसेंस प्रक्रिया शुरू हुई है तब से एक हजार से ज्यादा आवेदन पत्र ख़रीदे जा चुके हैं।
मुरादाबाद: योगी सरकार द्वारा फिर से हथियार के लाइसेंस बनवाने के फैसले के बाद अब बड़ी संख्या में लोग असलहे के लाइसेंस के लिए आवेदन को उमड़ रहे हैं। जबकि पिछली बार के मुकाबले इस बार धनराशि ज्यादा खर्च होगी उसके बावजूद लोगों में असलहे का क्रेज बना हुआ है। बीते एक सप्ताह में जब से लाइसेंस प्रक्रिया शुरू हुई है तब से एक हजार से ज्यादा आवेदन पत्र ख़रीदे जा चुके हैं। रोजाना असलहे दफ्तर में आवेदकों की भीड़ उमड़ रही है। वहीँ इस बार जो आवदेन किये जा रहे हैं उसमें बन्दूक या रायफल की जगह रिवाल्वर और पिस्टल की डिमांड ज्यादा है।
इतने बिके फार्म
एक सप्ताह में असलहा दफ्तर से लगभग एक हजार से ज्यादा आवेदन फार्म की बिक्री हो चुकी है,वहीं नए फार्म छपवाने के लिए प्रशासनिक अफसरों ने आर्डर भी जारी किए हैं। असलहा दफ्तर में पहचान पत्र दिखाने के बाद फार्म का वितरण किया जा रहा है। असलहे का फार्म लेने के लिए सबसे ज्यादा युवाओं में उत्साह दिख रहा है। युवाओं ने बंदूक और रायफल की जगह रिवाल्वर और पिस्टल लेने के लिए आवेदन फार्म लिए हैं। बीते चार सालों में विरासत ट्रांसफर को लेकर बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं, लेकिन प्रशासनिक अफसरों ने इन आवेदनों पर भी लंबी जांच प्रक्रिया के बाद ही विचार किया है। असलहा दफ्तर में फार्म वितरण के साथ ही जमा करने की भी प्रक्रिया चल रही है। लेकिन जितने फार्म अभी तक बांटे गए हैं,उनमें से बहुत कम संख्या में लोग फार्म जमा करने के लिए आ रहे हैं।
इतने लोगों के पास है लाइसेंस
यहां बता दें कि मौजूदा समय में जनपद में 21 हजार लोगों के पास लाइसेंसी असलहे हैं। 2013 के बाद से किसी को भी लाइसेंस नहीं जारी किया गया है। वहीँ एडीएम प्रशासन लक्ष्मी शंकर सिंह ने बताया कि असलहा दफ्तर में लोगों फार्म जमा करने या लेने में कोई दिक्कत न हो इसके लिए सभी कर्मियों को निर्देश दिए हैं। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लाइसेंस जारी किया जायेगा।
मेडिकल सर्टिफिकेट जरुरी
वहीँ इस बार लाइसेंस के लिए आवेदक से फिटनेस सर्टिफिकेट भी मांगा जा रहा है तो बड़ी संख्या में जिला अस्पताल में लाइसेंस के लिए आवेदकों की भीड़ फिटनेस प्रमाण पत्र के लिए उमड़ रही है। ये नजारा मंगलवार दोपहर तक रहा। वहीँ कुछ लोगों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर आरोप भी लगाये।