अयोध्या विवाद से जुड़े एक मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसला सुनाए जाने के बाद जहां देशभर में इस पर चर्चा हो रही है।
रामपुर। अयोध्या विवाद से जुड़े एक मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसला सुनाए जाने के बाद जहां देशभर में इस पर चर्चा हो रही है वहीं इसके बाद से तमाम राजनीतिक दल अपने-अपने हिसाब बयान देने लगे हैं। इस बीच समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खां ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। इस पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में जल्दी फैसला आने की संभावनाओं का स्वागत करते हैं। यह मामला एक इबादतगाह का है और इबादतगाह कोई भी हो वहां पर इबादत की जाती है। चाहे वो पूजा हो, गुरुवाणी हो, नमाज हो या प्रेयर हो।
दरअसल, अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट का मामला संवैधानिक बेंच को आगे नहीं देने और जल्दी से जल्दी केस की सुनवाई किए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए आजम खां ने इसे सत्ता पक्ष के लिए झटका करार देते हुए कहा कि सवाल एक इबादतगाह का है। इबादतगाह तो कोई भी हो सकती है। चाहे वह मंदिर हो मस्जिद हो गुरुद्वारा हो या फिर चर्च। आजम खान ने कहा कि सवाल नमाज पढ़ने का नहीं है, कहां पड़ेंगे, पूजा कहां करेंगे और गुरबाणी पाठ कहां करेंगे।
वहीं सुप्रीम कोर्ट द्वारा धारा 497 को समाप्त किए जाने के फैसले पर उन्होंने कहा कि पश्चिमी संस्कृति अगर पूरी तरह अपना ली जाए और पूरी तरह आजादी दे दी जाए तो फिर इस आजादी का भी फायदा होगा और कानून में भी कई मामलों में आने वाली दिक्कतें दूर हो जाएंगी। अगर कोई अच्छी तरह से जीवन जीना चाहेगा प्यार-मोहब्बत से वफा से तो उसे कोई कानून नहीं रोकेगा। पति पत्नी का और पत्नी पति ही वफादार रह सकती है, उसे कोई कानून आडे नहीं आने वाला।