सुन्‍नी मुस्लिम समाज की बैठक के दौरान सदर बिलारी शहर इमाम मौलाना सदाकत हुसैन ने किया ऐलान
मुरादाबाद. जनपद के बिलारी नगर में सुन्नी मुस्लिम समाज की एक बैठक में शादी समारोह में डीजे बजाने और बैंड के साथ बारात निकालने पर प्रतिबंध लगा दिया है। नगर के मदरसा रजा-ए-मुस्तफा में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया है। बैठक में फैसला लिया गया है कि समाज का जो भी व्यक्ति इस निर्णय को नहीं मानेगा, नगर के काजी उसका निकाह नहीं पढ़ाएंगे। निर्णय में उन सरकारी आदेशों का भी हवाला दिया गया है, जिनमें समय-समय पर शोर-शराबे को प्रतिबंधित करने की बात कही गई है। सुन्नी मुस्लिम समाज की बैठक के सदर बिलारी शहर इमाम मौलाना सदाकत हुसैन ने इसका ऐलान किया है।
बिलारी के मदरसा रज़ा-ए-मुस्तफा में आयोजित इस बैठक में नगर के उलमा-ए-दीन के अलावा सभासदों और शहर के सम्मानित लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान सभी की सहमति से डीजे पर पाबंदी लगाई गई। इतना ही नहीं इस फरमान पर पर सैकड़ों लोगों की सहमति भी ली गई, जिसके बाद यह ऐलान किया गया। बिलारी के शहर इमाम मौलाना सदाकत हुसैन ने डीजे को गलत बताते हुए कहा की इस्लाम धर्म में शोर-शराबे और नाच-गाने की इजाजत नहीं है। फिर भी कान फोड़ने वाली आवाज में शादियों के दौरान डीजे बजाया जाता है और बैंड पर नाच-गाना होता है। इससे ध्वनि प्रदूषण भी होता है। इसलिए बैठक ने यह निर्णय लिया की इस पर रोक लगाई जाए। मौलाना सदाकत ने कहा डीजे पर बेहयाई की इंतहा की जाती है। हमारे नोजवान बच्चे डीजे पर शराब पीकर बेतुके गानों पर नाचते दिखाई देते हैं। हमारे नोजवान बच्चों को चाहिए वह इन फ़ालतू चीजों की तरफ से ध्यान हटायें और कामयाबी का रास्ता अपनाएं। डीजे तेज आवाज में बजाने से बीमार लोगों को तकलीफ होती है, जो इस्लाम के खिलाफ है, इस्लाम अमन और शांति सिखाता है।
नगर में डीजे पर प्रतिबंध लगने के बाद नगर के लोग भी इस के समर्थन में उतर आए हैं। लोगों का कहना है कि डीजे पर पाबंदी बहुत पहले लग जानी चाहिए थी। डीजे और बैंड-बाजे से लोग बेहद परेशान होते हैं। डीजे के शोर से लोगों की नींद में खलल पड़ती है। बीमार लोग और भी बीमार हो जाते हैं। डीजे पर शराब पीकर डांस करने को लेकर झगड़े होते हैं। हर्ष फायरिंग जैसे मामले भी डीजे पर डांस करने को लेकर सामने आते हैं। प्रतिबंध से इन सब पर अब अंकुश लगेगा।
बिलारी नगर में पंचायत द्वारा डीजे पर लगाई गई पाबंदी से डीजे कारोबारियों पर रोजी-रोटी का संकट छा गया है। डीजे का कारोबार करने वाले लोगों का कहना है कि इससे हमारे कारोबार पर बड़ा असर पड़ेगा।